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NEET मामले में कांग्रेस सहित छात्र संगठनों का देश भर में विरोध-प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

 
एनएसयूआई ने 180 से अधिक विश्वविद्यालयों और 250 जिलों में विरोध प्रदर्शन किया, कहा कि मांगें पूरी नहीं हुई  तो   24 जून को संसद का घेराव किया जायेगा 
NewDelhi : नीट यूजी 2024 में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ आज शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ता व नेताओं सहित छात्रों ने देश के कई शहरों दिल्ली, जयपुर, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई में विरोध प्रदर्शन किया. बता दें कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में  कांग्रेस नेताओं को एक पत्र लिखा था.   विभिन्न राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों को लिखे गये पत्र में कहा गया था कि नीट यूजी में न्याय की मांग करते हुए शुक्रवार को राज्य मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाये.                                                           ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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यूपी कांग्रेस लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया

यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को यहां लखनऊ  में विरोध प्रदर्शन किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने संवाददाताओं को बताया, सरकार नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा तक निष्पक्ष ढंग से कराने में विफल रही है. उन्होंने अब यूजीसी-नेट परीक्षा भी रद्द कर दी है.  हम चाहते हैं कि सरकार इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे और हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित करे. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष व लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग  ने उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग की. उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितता के खिलाफ पार्टी की राज्य इकाई के प्रदर्शन का नेतृत्व किया.

छात्रों ने नारेबाजी की, काले झंडे लेकर सड़कों पर  विरोध प्रदर्शन किया

दिल्ली विश्वविद्यालय में भी नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.    छात्रों ने नारेबाजी करते हुए हाथों में काले झंडे लेकर सड़कों पर  विरोध प्रदर्शन किया.बता दें कि आज शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दिल्ली विश्वविद्यालय जाना था. लेकिन डीयू में हो रहे विरोध प्रदर्शन के कारण  धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली विश्वविद्यालय का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा.

एनटीए ने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला है

  छात्रों ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले एनटीए ने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला है आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में अभी तक शिक्षा मंत्री ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है.  प्रदर्शन कर रहे आइसा के सदस्यों व डीयू के अन्य छात्रों ने यहां काले झंडे लहराये.   एनएसयूआई और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है,  कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने नीट परीक्षा में घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग

एनएसयूआई के अनुसार उससे जुड़े छात्र 180 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.  सभी छात्र संगठन परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी का कहना है कि नीट परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और कदाचार के कई उदाहरण सामने आये हैं.
उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा आयोजित करने में एनटीए की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया. नीट में घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए.चौधरी ने कहा कि एनएसयूआई आज 180 से अधिक विश्वविद्यालयों और 250 जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रही है. कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गयी,  तो एनएसयूआई 24 जून को संसद का घेराव करेगी.
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