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मनरेगा में कम बजट आवंटन व हाजिरी के लिए नया ऐप सिस्टम का विरोध, दिल्ली में धरना

  • 24 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस
Ranchi/ New Delhi : इस बार के केंद्रीय बजट में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) मद में कम राशि का आवंटन किया गया है. वहीं मनरेगा मजदूरों को काम मिलने और हाजिरी के लिए नया ऐप सिस्टम लाया गया है. देश भर के मनरेगा मजदूरों व उनके लिए काम करनेवाले सामाजिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. इसको लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 16 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें झारखंड के साथ ही पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक समेत दूसरे राज्यों के मजदूर शामिल हैं. इस मसले को लेकर 24 फरवरी को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलायी गयी है. इसे अरुणा रॉय, आशीष रंजन संबोधित करेंगे.

मनरेगा मजदूर गंवा रहे मजदूरी

मजदूरों के हितों में काम रहे सामाजिक संगठनों के मुताबिक, सरकार ने नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत हाजिरी की जो प्रक्रिया शुरू की है, उसकी वजह से 50 फीसदी से अधिक ग्रामीणों ने अपनी मजदूरी गंवाई है. ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर रहने के कारण नया ऐप सिस्टम काम नहीं कर रहा है. इस ऐप के जरिये मजदूरों की हाजिरी में सुधार का अधिकार स्थानीय अधिकारियों को नहीं है. यह सिस्टम सीधे केंद्रीय कार्यालय के नियंत्रणाधीन है, जो मजदूरी के पैसे खातों में भेजता है. इसके अलावा बहुत सारे इलाकों में नेटवर्क या तो लंबे समय तक गायब हो जाता है या बेहद धीमा होता है, जिसमें तस्वीर जैसी उच्च क्षमता की फाइलों को अपलोड करना मुश्किल हो जाता है. मजदूरों की मांगें 1. NMMS ऐप को तत्काल हटाया जाए 2. 3 फरवरी, 2023 के उस आदेश को वापस लेना जिसमें नरेगा श्रमिकों को किए गए सभी भुगतान आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से किए जाने की आवश्यकता थी. 3. वित्त वर्ष 2023-24 के कार्यक्रम के लिए बजटीय आवंटन में कटौती का विरोध. 4. एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान और समय से भुगतान करना. इसे भी पढ़ें – बिजली">https://lagatar.in/jbvnl-will-form-bijli-dost-whatsapp-group-to-solve-electricity-problems/">बिजली

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