हासिल करना हर इंसान के लिए जरूरी: मौलाना चतुर्वेदी
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मजदूरी भुगतान को सरल बनाने की मांग
नरेगा वाच के झारखण्ड राज्य संयोजक जेम्स हेरेंज ने बताया कि यह आंदोलन वैसे तो अगले 100 दिनों तक तय है, लेकिन उस वक्त तक चलेगा जब तक केंद्र सरकार मनरेगा में लाए गए नई तकनीकों को खारिज करते हुए मजदूरों के मजदूरी भुगतान को सरल नहीं बनाती है. मनरेगा के बजट को नहीं बढ़ाती है. केन्द्रीय रोजगार गारन्टी परिषद के पूर्व सदस्य संदीप दीक्षित भी धरना स्थल पर पहुंचे. उन्होंने भी आन्दोलन का समर्थन किया. पश्चिम बंगाल की सामाजिक कार्यकर्ता अनुराधा तलवार ने बताया कि राज्य और केंद्र की राजनीतिक लड़ाई में राज्य के मनरेगा कर्मी और मजदूर पिस रहे हैं. वहां पिछले 16 महीनों से केंद्र सरकार ने मनरेगा का फंड रोक रखा है. केंद्र सरकार दावा करती है कि राज्य में मनरेगा में भ्रष्टाचार बहुत है इसलिए फंड रोका गया है. यदि यह दावा सही है तो फिर सरकार ये बताये कि अब तक कितने अधिकारियों को सजा दी गई है. इस देशव्यापी आन्दोलन में झारखण्ड के गढ़वा, गोड्डा, खूंटी, पश्चिम सिंहभूम, लोहरदगा, लातेहार, गिरीडीह, कोडरमा आदि जिलों से दर्जनों लोग शामिल हुए हैं. इसे भी पढ़ें :लंदन">https://lagatar.in/tricolor-insulted-in-london-protest-outside-british-high-commission-in-delhi/">लंदनमें तिरंगे का अपमान, दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन [wpse_comments_template]

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