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JPSC Protest : ना छात्र, न नौकरी की तलाश, न गार्जियन, फिर कौन है अमिशा प्रसाद?

Ranchi  News : 21 अगस्त की शाम रांची में छात्रों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया था. शहीद चौक पर एक व्यक्ति ने पुतला छीन लिया. जिसके बाद हंगामा हो गया. अमिशा प्रसाद नामक युवती का नाम तेजी से सामने आया. 22 अगस्त को पुलिस ने इसे पकड़ कर पूछताछ की. फिलहाल वह सदर अस्पताल में भरती है.
 
अमिशा प्रसाद

Ranchi  News : पेपर लीक, पिछले दरवाजे से नौकरी देने को लेकर देश भर के युवा गुस्से में हैं. झारखंड के छात्र, नौकरी के लिए प्रतियोगिता की परीक्षा की तैयारी करने वाले व गार्जियन गुस्से में हैं. JPSC-JSSC द्वारा की गई नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने आंदोलन खड़ा किया. लेकिन इसमें कैसे-कैसे लोग शामिल हो गए, यह देखना दिलचस्प होगा.

 

21 अगस्त की शाम रांची में छात्रों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया था. शहीद चौक पर एक व्यक्ति ने पुतला छीन लिया. जिसके बाद हंगामा हो गया. अमिशा प्रसाद नामक युवती का नाम तेजी से सामने आया. 22 अगस्त को पुलिस ने इसे पकड़ कर पूछताछ की. फिलहाल वह सदर अस्पताल में भरती है.

 

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अमिशा प्रसाद कौन है, जब यह जानने की कोशिश की गई तो पता चला कि ना तो वो छात्र हैं, ना नौकरी की तलाश करने वाली हैं और न ही वह किसी छात्र के माता-पिता हैं. सोशल मीडिया खंगालने पर पता चला कि अमिशा प्रसाद अप्रैल और जून माह में भी चर्चा में आयी थी. अप्रैल में हजारीबाग में और जून में रांची में.

 

अप्रैल में हजारीबाग के विष्णुगढ़ में बच्ची की हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों में वह शामिल थी. वह संपूर्णा संकट मोचन फाउंडेशन के बैनर तले प्रदर्शन कर रही थी. वह बच्ची की हत्या के आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रही थी. बाद में जब बच्ची की हत्या के आरोपी पकड़े गए तो यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ही हत्या करने के बाद पुलिस को अंधेरे में रखने और जांच को प्रभावित करने को लेकर प्रदर्शनों का सहारा लिया था. हत्या को धार्मिक रंग देने की भी कोशिश की थी.

 

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सैमफोर्ड अस्पताल में हंगामा और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया पर अमिशा प्रसाद.

 

जून माह में अमिशा प्रसाद का नाम दुबारा चर्चा में आया. इस बार रांची में. कोकर चौक स्थित सैमफोर्ड अस्पताल में अमिशा प्रसाद ने जबरदस्त हंगामा खड़ा करने में भूमिका निभायी. अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों व उसके परिजनों के साथ दुर्व्यहार करने और विरोध करने पर बाउंसर से पिटवाने का आरोप लगाया. अस्पताल प्रबंधन ने उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसी मामले में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. 

 

उसके अमिशा प्रसाद के सोशल मीडिया एकाउंट्स से पता चलता है कि अगस्त में जब रांची में छात्रों का आंदोलन शुरु हुआ, तो उस आंदोलन में भी अमिशा प्रसाद शामिल हुई. 21 अगस्त को पुतला दहन कार्यक्रम में कथित तौर पर एक लड़की का दुपट्टा खींचने का आरोप लगाते हुए उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर है.

 

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