Search

 
 
 

इनसाइड स्टोरी : राहुल के सामने जनसंगठनों ने रखा लैंड बैंक और पत्थलगड़ी का मामला

 

राहुल ने दिया आश्वासन, कहा- सीएम को लिखेंगे पत्र

  • जनसंगठनों के प्रतिनिधियों से यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता ने बस में की बात
Pravin Kumar Ranchi : कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को खूंटी से तोरपा जाने के दौरान वहां के जनसंगठनों की समस्याओं को जाना और समझा. यही नहीं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों को अपने साथ बस में बिठा लिया और लंबी बातचीत की. लगभग 30 किलोमीटर तक जनप्रतिनिधियों के साथ राहुल गांधी ने बस में झारखंड से संबंधित बात की. इस दौरान जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी के समक्ष पत्थलगड़ी और लैंड बैंक का मामला रखा. प्रतिनिधियों ने पत्थलगड़ी से जुड़े केस को वापस करने की मांग की. इस पर राहुल गांधी ने आश्वस्त किया कि वो इस मसले पर सीएम को पत्र लिखेंगे. बताते चलें कि हेमंत सरकार की पहली कैबिनेट में पत्थलगड़ी से जुड़े संगीन मामलों को छोड़ कर अन्य मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया था. वहीं रघुवर सरकार के समय बनाए गए लैंड बैंक को लेकर खूंटी में काफी विरोध हुआ था. इसमें सार्वजनिक जमीन, गैर मजरुआ जमीन और सड़क की जमीन के साथ-साथ स्कूल और मसना की जमीन को भी लैंड बैंक में शामिल कर लिया गया था. जनप्रतिनिधियों ने राहुल गांधी से इसे रद्द करने की मांग की. राहुल गांधी ने अपने निजी सहायक को दोनों मामलों को नोट करने को कहा. प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि मैं इस दोनों मामलों से मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को पत्र लिख कर उचित कार्रवाई करने को कहूंगा. जनप्रतिनिधियों से यह भी कहा कि आदिवासी, दलित और पिछड़ों की जमीन से जुड़े मामलों को गंभीरता से कांग्रेस देख रही है.

राहुल गांधी से बस में मिलने वाले लोग

आदिवासी संगठन के जिन प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी से बस में मुलाकात की. उनमें सनिका टूटी, पावेल टूटी, बुधराम बोदरा, जादू सिंह मुंडा, बुद्धलाल सिंह मुंडा, करण सिंह मुंडा, बिरसा ओड़िआ, रामजी मुंडा, ठाकुर मुंडा शामिल हैं. ज्ञात हो कि इन सभी पर पत्थलगड़ी के मामले में रघुवर सरकार के समय केस दर्ज किया गया था.

उद्योग या व्यवसायिक संस्थानों के साथ सरकार के उपयोग के लिए बनाया गया था लैंड बैंक

बता दें कि झारखंड में भूमि संबंधी कानूनों की पेंच को दूर करने के लिए रघुवर सरकार ने लैंड बैंक तैयार किया था. झारखंड सरकार के लैंड बैंक में 11.56 लाख एकड़ जमीन है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, जिलों के सहयोग से लैंड बैंक को अपडेट किया था. इसके बाद सरकार खुद भी अचंभित थी कि राज्य में इतनी जमीन सरकारी है. जबकि उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी भवनों के लिए सरकार कहती है कि उसके पास जमीन नहीं है. बैंक अपडेट होने से सबसे बड़ा फायदा उद्योग या व्यवसायिक संस्थान ने कुछ हद तक उठाया था. अगर केवल गैरमजरुआ खास जमीन की बात करें तो 1-51 एकड़ के 230,700 प्लॉट लैंड बैंक में दर्ज किए गये थे. इसी प्रकार 51-100 एकड़ वाले 4137 प्लॉट, 101-150 एकड़ वाले 438 प्लॉट तथा 200 एकड़ से अधिक 372 प्लॉट हैं. सबसे ज्यादा जमीन प. सिंहभूम और गुमला में चिन्हित की गयी थी. इसे भी पढ़ें : JSSC">https://lagatar.in/sit-formed-in-jssc-cgl-exam-question-paper-leak-case-sadar-dsp-will-lead/">JSSC

CGL परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में एसआईटी गठित, सदर डीएसपी करेंगे नेतृत्व
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही