Ashish Tagore Latehar : लोगों को न्याय दिलाने वाला अभियोजन कार्यालय खंडहर में तब्दील हो गया है. ज्ञात हो कि गवाहों को अदालतों में प्रस्तुत करने की पूर्ण जवाबदेही अभियोजन कार्यालय को है और सबसे पहले गवाह इसी कार्यालय में आते हैं. लेकिन जर्जर भवन के कारण न सिर्फ लोक अभियोजक वरन गवाहों को भी परेशानियों का सामना करना पड. रहा है. भवन का हिस्सा टूट-टूट कर गिर रहा है. खिड़कियों के उपर बनाये गये स्लैब टूट गये हैं. इतना ही कार्यालय के मुख्य दरवाजे के उपर बना स्लैब भी टूट कर गिर रहा है. कार्यालय के खिड़की और दरवाजों को दीमक खा गये हैं. सीलन भरी कमरों में लोक अभियोजकों का दम घुट रहा है. बावजूद इसके भवन विभाग के द्वारा इसे उपयोग योग्य नहीं (कंडम) घोषित नहीं किया गया है. जबकि जिला अभियोजन कार्यालय के द्वारा इस भवन की मरम्मति या दूसरा नया भवन के लिए कई बार सरकार से पत्राचार किया गया है. प्रभारी लोक अभियोजक, लातेहार ने अपने पत्रांक 1112 दिनांक 21 दिसंबर 2018 को सरकार के विधि विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर बताया कि अभियोजन कार्यालय की छत से लगातार पानी टपक रहा है. दीवारों में दरारें पड़ गयी है. खिड़की व दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गये हैं. छत का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है, ऐसे में कार्यालय में सरकारी दस्तावेज, किताबें, कंप्यूटर व अन्य फर्नीचर आदि खराब हो रहे हैं. इसके बाद प्रधान सचिव विधि-विभाग संजय प्रसाद ने 11 फरवरी 2019 को भवन निर्माण के सचिव को पत्राचार कर क्षतिग्रस्त भवन का निर्माण कराने की बात कही थी. दीगर बात तो यह है कि भवन निर्माण विभाग के सचिव को सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने भी 26.7.17 को अपने पत्रांक 1992 के तहत राज्य के सभी कोर्ट परिसरों में अविस्थत लोक अभियोजन कार्यालय भवन की तत्काल मरम्मत कराने एवं गवाहों की सुविधा के लिए विटनेस हेल्प डेस्क स्थापित करने का भी निर्देश दिया था. उक्त निर्देश के आलोक में विटनेस हेल्प डेस्क की स्थापना तो कर दी गयी, लेकिन जर्जर अभियोजन कार्यालय की कोई सुध नहीं ली गयी. इसे भी पढ़ें- हाथी-">https://lagatar.in/elephant-horse-palanquin-jai-kanhaiya-lals/">हाथी-
घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, चहुंओर हरे रामा-हरे कृष्णा की गूंज… 12 कोर्ट में है सिर्फ दो लोक अभियोजक व्यवहार न्यायालय में कुल 12 अदालतें हैं. लेकिन व्यवहार न्यायालय में मात्र दो लोक अभियोजक कार्यरत है. जबकि यहां आठ लोक अभियोजकों का पद सृजित है. कार्यालय को कंप्यूटर, लैपटॉप, जेरोक्स व प्रिंटर आदि उपलब्ध कराये गये हैं. लेकिन इसके संचालन के लिए न तो कोई ऑपरेटर है और ना ही कोई आवंटन उपलब्ध कराया गया है. यहां तक कि कार्यालय में रखी कानून की महंगी किताबें भी खराब हो रही है. इसे भी पढ़ें- जमीन">https://lagatar.in/in-the-joy-of-returning-the-land-the-agitators-of-the-netarhat-field-firing-range-took-out-a-victory-procession/">जमीन
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न्याय दिलाने वाले लोक अभियोजकों का कार्यालय खंडहर में तब्दील

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