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सरकारी बैंकों ने RBI में ट्रांसफर किये लावारिस 35 हजार करोड़, संसद में दी गयी जानकारी

 
NewDelhi : खबर है कि सरकारी बैंकों ने अपने अकाउंट में लावारिस पड़े लगभग 35 हजार करोड़ रुपये रिजर्व बैंक में ट्रांसफर कर दिये हैं. सरकार ने सोमवार को संसद में यह जानकारी दी है. यह राशि 10 साल या इससे ज्यादा समय से बैंकों में पड़ी हुई थी. इस राशि पर किसी ने दावा नहीं किया. जानकारी दी गयी कि फरवरी 2023 तक 35,012 करोड़ रुपए 10.24 करोड़ खातों में पड़े हुए थे. सबसे ज्यादा लावारिस पैसा स्टेट बैंक में जमा था. इसे भी पढ़ें : चीन">https://lagatar.in/china-changed-the-names-of-11-places-in-arunachal-pradesh-then-india-retaliation-said-cannot-change-the-reality/">चीन

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स्टेट बैंक में सबसे ज्यादा लावारिस राशि

वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने लोकसभा में लिखित में जानकारी दी कि भारतीय स्टेट बैंक में 8,086 करोड़ रुपए लावारिस पड़े थे. पंजाब नेशनल बैंक में 5,340 करोड़ रुपए, केनरा बैंक में 4,558 करोड़ रुपए और बैंक ऑफ बड़ौदा में 3,904 करोड़ रुपए थे. इन्हें RBI में ट्रांसफर कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें :  गृहमंत्री">https://lagatar.in/sensational-allegation-of-home-minister-suella-braverman-british-pakistanis-sexually-exploit-white-girls-give-drugs/">गृहमंत्री

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बैंकों को सलाह, ऐसे अकाउंट की लिस्ट वेबसाइट पर डालें

बैंकों को सलाह दी गयी है कि वे निष्क्रिय अकाउंट से जुड़े ग्राहकों/कानूनी उत्तराधिकारियों का पता लगाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने पर विचार करें. यह भी कहा गया है कि बैंकों को 10 साल या उससे ज्यादा समय तक इनएक्टिव पड़े अकाउंट की जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी. जानकारी में अकाउंट होल्डर का नाम और एड्रेस भी दिया जाना जरूरी है. एसबीआई ने सूचित किया है कि वह दावों के सभी मामलों को निपटाने में मृतक के परिवार की सहायता करते है. उन्होंने कहा, मृत ग्राहक के खातों का निपटान एसबीआई द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. एसबीआई कर्मचारियों को संवेदनशील बनाया गया है और नियमित आवृत्ति पर बैंकों के सभी प्लेटफॉर्म्स पर निर्देश दोहराये जाते हैं.

अनक्लेम्ड डिपॉजिट के बारे में जानें

RBI के नियमों के अनुसार सेविंग्स या करेंट अकाउंट के बैलेंस अमाउंट जिसे 10 साल में कभी ऑपरेट नहीं किया गया हो, या फिर ऐसे टर्म डिपॉजिट जिनके मैच्योर होने की तारीख से 10 साल बाद तक किसी दावा नहीं किया हो, उन्हें `अनक्लेम्ड डिपॉजिट` (Unclaimed Deposit) माना जाता है. इन पैसों को RBI द्वारा बनाये गये डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयनेस फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है. [wpse_comments_template]
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