एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने सभी सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए विस्तृत निर्देश भेजे हैं. अभियान की शुरुआत 28 जून को बूथों पर बच्चों को दवा पिलाने के साथ होगी. इसके बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगे.
राज्य में इस अभियान के तहत 61,26,679 बच्चों को पोलियो से सुरक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 24,507 बूथ बनाए गए हैं, जहां 49,013 टीमें तैनात रहेंगी. अभियान की निगरानी के लिए 4,901 सुपरवाइजरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक ने बताया कि विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. इनमें रांची में 5,05,524 और गिरिडीह में 4,89,227 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य सबसे अधिक है. वहीं धनबाद में 4,24,729, पूर्वी सिंहभूम में 3,97,194, पलामू में 3,80,579 और बोकारो में 3,53,072 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी.
आईईसी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दवा जरूर पिलवाएं. उन्होंने कहा कि दो बूंद जिंदगी की बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी उपाय है.
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