Ranchi: वर्ष 2013 में नन्ही परी की हत्या कर दी गई थी. मामला उस दौरान काफी चर्चित हुआ था. इस मामले में दोषी उसके रिश्तेदार मोहम्मद शाहिद अख्तर को उम्रकैद और शहजादी खातून को 10 साल की सजा हुई है. पोक्सो की स्पेशल कोर्ट ने यह सजा सुनाई है.
अवैध संबंध छिपाने के लिए बच्ची की हत्या
बता दें कि रांची के चर्चित परी दुष्कर्म कांड के अभियुक्तों को रांची पोक्सो की स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दे दिया था. दोनों ही दोषी मृतका के रिश्तेदार हैं और ट्रायल में यह बात सामने आयी कि अवैध संबंध को छुपाने के लिए उन्होंने परी की जान ले ली. यह घटना वर्ष 2013 की है. अदालत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत किये गए वैज्ञानिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के साथ साथ गवाहों के द्वारा ट्रायल के दौरान दिए गए बयान के आधार पर अपना फैसला सुनाया है. 22 गवाहों के बयान हुए थे दर्ज
घटना होने के करीब 7 साल बाद आरोपियों तक रांची पुलिस पहुंच पाई थी. दोनों आरोपियों के बीच चल रहे अवैध संबंध को छुपाने के लिए बच्ची परी की हत्या की गई थी. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए हैं. जिसमें चार SP के अलावा डॉक्टर, नारको टेस्ट और ब्रेन मैपिंग करने वाले अधिकारी भी शामिल हैं. इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एसपी रैंक के अधिकारी को इस हत्याकांड की जांच की जिम्मेदारी दी थी. जिसके बाद पुलिस ने जांच पूरी की. [wpse_comments_template]
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