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भाड़े के ई-रिक्शा से बैंक भेजे गये थे प्रश्न पत्र

नीट पेपर लीक मामला : आरोपों पर ओएसिस स्कूल हजारीबाग के प्रिंसिपल की सफाई

Ranchi/Hazribagh : नीट यूजी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में पटना व देवघर के बाद हजारीबाग से भी तार जुड़ रहे हैं. बिहार ईओयू टीम द्वारा अब तक किये गये अनुसंधान में हजारीबाग के मंडई रोड स्थित ओएसिस स्कूल परीक्षा केंद्र भी जांच के दायरे में आ गया है. मामले में ओएसिस स्कूल के प्राचार्य व एनटीए के सिटी को-आर्डिनेटर डॉ. एहसान उल हक ने सोमवार को अपनी ओर से सफाई दी. ओएसिस स्कूल परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि हजारीबाग के पांच केंद्रों पर पांच मई को एनटीए के मापदंडों के अनुरूप नीट (यूजी) की परीक्षा संपन्न कराई गई थी. उन्होंने कुल नौ बक्सों में सील प्रश्न पत्र एसबीआई बैंक से 5 मई की सुबह 7:30 बजे के बाद रिसीव किया था. इसके बाद सभी पांच परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों और ऑब्जर्वर को बैंक मैनेजर की उपस्थिति में प्रश्न पत्र सुपुर्द किया गया था. वहीं, विगत 21 जून को नीट (यूजी) पेपर लीक मामले की जांच कर रही बिहार ईओयू की टीम हजारीबाग पहुंची थी. टीम द्वारा बताया गया कि नीट (यूजी) परीक्षा प्रश्न पत्र के एक बुकलेट की कॉपी बिहार के पटना शहर में अधजली अवस्था में मिली. डॉ. एहसान ने बताया कि ईओयू टीम को उन्होंने और उनकी टीम ने जांच में हर संभव सहयोग किया. इस क्रम में वे जांच टीम के साथ एसबीआई बैंक भी गए, जो नीट (यूजी) परीक्षा के प्रश्न पत्र का कस्टोडियन था.

तीन मई को कुरियर से बैंक पहुंचा था प्रश्न पत्र

डॉ. एहसान उल हक ने बताया कि ईओयू टीम की जांच के दौरान पता चला कि प्रश्न पत्र के बक्से तीन मई को कुरियर कंपनी ब्लू डार्ट सर्विस द्वारा एसबीआई बैंक, हजारीबाग पहुंचाये गये थे. ईओयू की पूछताछ में ब्लू डार्ट कुरियर कंपनी के हजारीबाग के कर्मचारियों ने बताया कि प्रश्न पत्र के बक्से नेटवर्क की किसी गाड़ी पर रांची से हजारीबाग मंगाये गये थे और उन बक्सों को भाड़े के ई-रिक्शा से बैंक भेजा गया था. वहीं, एनटीए के एसओपी के अनुसार प्रश्न पत्रों के बक्से को उन्होंने पांच मई को रिसीव किया, जबकि कथित तौर पर पटना में प्रश्न पत्र की कॉपी चार मई को ही उपलब्ध थी. ऐसी परिस्थिति में वे किस प्रकार से जिम्मेवार हैं.

जांच पूरी होने से पहले ही दोषी ठहराना अनुचित 

एनटीए के सिटी को-आर्डिनेटर ने कहा कि वर्तमान में इस मामले की जांच जारी है. मैंने पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है. परंतु बीच में ही कुछ मीडिया वालों ने अनुसंधान पूरा होने से पहले ही पेपर लीक प्रकरण का जिम्मेदार मुझे और मेरे केंद्र को ठहरा दिया, जो अनुचित है. इससे मैं काफी मर्माहत हूं. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद पता चल जाएगा कि असली दोषी कौन है.

जले प्रश्न पत्र पर मिला हजारीबाग के परीक्षा केंद्र का कोड

नीट परीक्षा 2024 के पेपर लीक मामले में हर दिन नया खुलासा हो रहा है. पटना के रामकृष्णा नगर स्थित एक निजी स्कूल से बरामद हुए नीट यूजी 2024 के अधजले प्रश्न पत्र का सीरियल कोड हजारीबाग के मंडई रोड स्थित ओएसिस स्कूल परीक्षा केंद्र से लीक होने की बात सामने आ रही है. इस मामले की जांच कर रही बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अधजले प्रश्न पत्र के सीरियल कोड से संबंधित जानकारी एनटीए से मांगी थी. 20 जुलाई को मिली जानकारी से स्पष्ट हुआ कि यह सीरियल कोड हजारीबाग के मंडई रोड के कल्लू चौक स्थित ओएसिस स्कूल का है. इसके बाद ईओयू की टीम ने हजारीबाग जाकर इसका सत्यापन किया. इस क्रम में प्रथम दृष्टया पैकिंग ट्रंक में छेड़छाड़ होना पाया गया.

लूटन मुखिया के माध्यम से मिली थी सॉल्वड कॉपी

ईओयू की जांच में खुलासा हुआ है कि प्रश्न पत्र की सॉल्वड पीडीएफ कॉपी संजीव कुमार उर्फ लूटन मुखिया के माध्यम से गिरफ्तार अभियुक्त बालदेव कुमार उर्फ चिंटू के मोबाइल पर पांच मई की सुबह पहुंची थी. पीडीएफ कॉपी मिलने के बाद चिंटू ने रामकृष्णा नगर स्थित स्कूल में रखे प्रिंटर से प्रतियां निकाली और फिर अभ्यर्थियों का ग्रुप बना कर उनको प्रश्नों के उत्तर रटवाये गये. यह भी पढ़ें : शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-impact-illegal-vendors-in-trains-and-those-collecting-money-from-them-will-be-sent-to-jail-commandant/">शुभम

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