Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान झारखंड मिनरल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (JMADA) की भवन निर्माण योजना व नक्शा स्वीकृत करने की शक्ति पर सवाल उठाए गए. चूंकि JMADA के अधिकार क्षेत्र को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है, इसलिए अदालत ने आदेश दिया कि विवादित भूमि पर आगे कोई निर्माण कार्य नहीं होगा और अगली सुनवाई तक निर्माण पर रोक रहेगी. याचिकाकर्ता सुंदरलाल कोइरी की ओर से यह महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया कि JMADA को भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत करने का अधिकार है या नहीं?
दरअसल, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संवैधानिक संशोधन के बाद JMADA से यह अधिकार छीन लिया गया है, इसलिए संस्था की वैधानिक क्षमता पर प्रश्न खड़ा होता है. मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने पक्षकारों को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई में इस मुद्दे पर पूरी तैयारी के साथ उपस्थित हों.
कोर्ट ने मामले के एक प्रतिवादी को स्पीड पोस्ट एवं सामान्य प्रक्रिया दोनों माध्यमों से नोटिस जारी करने का आदेश दिया है. यदि एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कागजात दाखिल नहीं किए गए तो याचिका स्वतः खारिज मानी जाएगी. अदालत ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे शहरी विकास विभाग के सचिव, झारखंड को प्रतिवादी के रूप में शामिल करें. सरकार की ओर से अधिवक्ता अभिजीत आनंद ने नोटिस स्वीकार करते हुए शपथ पत्र दाखिल करने का आश्वासन दिया. अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है.

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