Search

आर अस्विन का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास : एक युग का अंत

Sports Desk :  भारतीय क्रिकेट के एक दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अस्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. गाबा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद आर अश्व‍िन ने इसका ऐलान क‍िया.  बीसीसीआई ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर क्रिकेटर के संन्यास लेने की खबर की पुष्टि की है. बीसीसीआई ने अपने पोस्ट में लिखा कि थैंक्यू अस्विन. निपुणता, जादूगरी, प्रतिभा और नवीनता का पर्याय एक नाम. मशहूर स्पिनर और टीम इंडिया के अमूल्य ऑलराउंडर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. एक शानदार करियर के लिए बधाई अस्विन. रविचंद्रन अश्विन ने संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया है. 38 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अपने शानदार करियर में कई रिकॉर्ड बनाये हैं और भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभाई है. अब वह एक नए अध्याय की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं.

टेस्ट क्रिकेट में अश्विन का दबदबा :

-  विकेटों का बादशाह :  अश्विन टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों में दूसरे स्थान पर हैं. उनके नाम 106 टेस्ट मैचों में 537 विकेट दर्ज हैं. - सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन : उन्होंने एक पारी में 7 विकेट लेकर 59 रन दिए हैं. -  औसत और स्ट्राइक रेट : अश्विन का टेस्ट करियर में औसत 24.00 और स्ट्राइक रेट 50.73 रहा है. - फाइव विकेट हॉल : उन्होंने टेस्ट में 37 बार पारी में पांच विकेट लिए हैं जो किसी भी भारतीय गेंदबाज के लिए सबसे अधिक है. अन्य प्रारूपों में प्रदर्शन: - वनडे और टी20 : अश्विन ने वनडे में 156 और टी20 में 72 विकेट लिए हैं. -  बल्लेबाजी : अश्विन एक सफल ऑलराउंडर भी रहे हैं। उन्होंने टेस्ट में 3503 रन बनाए हैं जिसमें 6 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं.

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण:

  • अश्विन ने अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू 2010 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच से किया था.
  • - टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया था.

अश्विन की विरासत 

अश्विन ने भारतीय क्रिकेट में एक अमिट छाप छोड़ी है. वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं. उनकी स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजी का संयोजन उन्हें एक अद्वितीय खिलाड़ी बनाता है.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp