Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार से कई सवाल पूछे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC से जुड़े मामलों की जांच पूरी तरह से नहीं हो रही है. रघुवर दास ने पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने की मांग की है.
रघुवर दास ने कहा कि JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते और उनके पीए के खिलाफ CID जांच चल रही है. वहीं, तत्कालीन JPSC सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनीमा हांसदा के पीए से जुड़े इंटरव्यू में पैसे लेने के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए.
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उन्होंने कहा कि 11वीं से 13वीं JPSC मुख्य परीक्षा के दौरान आयोग के अधिकारियों के बीच विवाद सामने आया था. इसी विवाद के कारण परीक्षा के परिणाम को लेकर भी सवाल उठे थे. रघुवर दास का कहना है कि इस पूरे मामले में सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जानी चाहिए.
रघुवर दास ने सॉल्वर गैंग से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा में 40वीं रैंक पाने वाले रवि कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में FIR दर्ज है और उसे सॉल्वर गैंग का सरगना बताया गया है. उन्होंने इस मामले की भी जांच की मांग की.
उन्होंने 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाया. रघुवर दास के अनुसार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 418 अभ्यर्थियों के सफल होने की बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि इस मामले की भी जांच होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनियमितता होने पर उसका पता लगाया जा सके.
पूर्व मुख्यमंत्री ने JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा का भी मुद्दा उठाया. उनका कहना है कि घोषणा के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने परीक्षा सुधार के लिए बनाई गई अध्ययन समिति की बैठक नहीं होने पर भी सवाल उठाया.
रघुवर दास ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा होता है. इसलिए जांच किसी एक अधिकारी या एक मामले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की.
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