National News : पीएम मोदी का शासनकालअंतिम दौर में है. उनके उत्तराधिकारी की तलाश चल रही है. मोदी सरकार बैकफुट पर है. विपक्ष को उसके खिलाफ ज्यादा आक्रामक रुख अपनाना चाहिए. यह विचार राहुल गांधी के हैं. सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने यह विचार दिल्ली के इंदिरा भवन में बुधवार को आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी(CWC) की बैठक में व्यक्त किये.
CWC की बैठक में आज ये फैसला लिया गया है 👇
— Congress (@INCIndia) August 19, 2026
• देश के करीब 800 शहरों में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम होगा और नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी कई शहरों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे
• कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी ने चारों मुख्यमंत्रियों… pic.twitter.com/ABUsZ6FxkB
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि राहुल ने कांग्रेस नेताओं से कहा, हमारी पार्टी में एकता बड़ी शक्ति है. उदागरण दिया कि ममता बनर्जी की पार्टी को देखिए, एकता के अभाव में कैसे बिखर गयी. इसी क्रम में कहा कि हमारी एकता हमारी विचारधारा, हमारी ताकत है. बैठक में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 88 नेता शामिल हुए.
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बता दें कि CWC की कल की बैठक संसद सत्र खत्म होने के बाद पहली बार आयोजित हुई. खबर है कि बैठक में देश की राजनीतिक स्थिति सहित युवाओं का भविष्य, राम मंदिर ट्रस्ट का चंदा चोरी, सीमा पर कथित चीनी घुसपैठ आदि मसलों पर गहन मंथन किया गया.
CWC की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने युवाओं की शिक्षा और रोजगार का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार(मोदी) की गलत नीतियों के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हुआ है. कहा कि युवाओं के लिए एजुकेशन टू एप्लॉयमेंट रोडमैप बनाया जाना चाहिए,
श्री खड़गे ने यह दावा भी किया कि हाल के वर्षों में देश में 94 हजार स्कूल बंद हुए हैं. यह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर समस्या है. इतना ही नहीं, उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिली धनराशि, सोना सहित अन्य दान की पारदर्शिता पर यक्ष प्रश्न किया. कांग्रेस अध्यक्ष ने दान राशि के इस्तेमाल और हिसाब-किताब की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा.
खबर है कि बैठक में सीमा पर चीन की कथित घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग की. बैठक में संसद के मानसून सत्र के बाद देश की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मोदी सरकार के खिलाफ आक्रामक होने पर जोर दिया गया.
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बैठक की अहम खबर यह रही कि कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर अपना रुख साफ कर दिया. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट कहा कि पार्टी 1937 में हुई कांग्रेस बैठक में लिये गये फैसले पर कायम रहेगी. यानी पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे ही गाये जायेंगे.
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