New Delhi : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज बुधवार को कहा कि संसद के नये भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों नहीं कराया जाना और समारोह में भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाना देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है. उन्होंने यह भी कहा कि संसद अहंकार के इंटों से नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों से बनती है. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">
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राष्ट्रपति से संसद का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना - यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है।
संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, संवैधानिक मूल्यों से बनती है। — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May">https://twitter.com/RahulGandhi/status/1661283364803080192?ref_src=twsrc%5Etfw">May
24, 2023
संसद में `लोकतंत्र` की शहनाई बजनी चाहिए, लेकिन जब से स्वघोषित विश्वगुरु पधारे हैं `एकतंत्र` की तोप चलाई जा रही है।
इमारत नहीं, नीयत बदलो! — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) May">https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1661274758690885632?ref_src=twsrc%5Etfw">May
24, 2023
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