चुनाव झारखंड के भविष्य की दिशा तय करेगाः बाबूलाल
तत्कालीन आदिवासी कल्याण के पत्र को भी किया शेयर
11 फरवरी,2014 को यूपीए सरकार के तत्कालीन आदिवासी कल्याण मंत्री वी किशोर चंद्रदेव के लिखे पत्र को एक्स पर साझा करते हुए कहा कि उस समय की कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने सरना धर्मकोड को अव्यवहारिक बताते हुए मांग को खारिज किया था. एक तरफ कांग्रेस आदिवासियों के लिए सरना धर्मकोड की मांग करती है. दूसरी और उनकी ही केंद्र सरकार इसे खारिज करती है. प्रतुल ने कहा कि ये दोहरा मापदंड क्यों? जाहिर तौर पर कांग्रेस जनता को बरगलाने का प्रयास कर रही है.भाजपा उचित समय पर उचित निर्णय लेने को तैयार
प्रतुल ने कहा भाजपा हजारों वर्षों से अपनी परंपरा को जीवित रखने वाले आदिवासी समुदाय के हित में उचित समय पर हर उचित निर्णय लेने को तैयार है. वैसे भी संथाली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करना, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना,आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन, आदिम जनजाति समूह के लिए विशेष पैकेज, सहित सब कुछ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में ही हुआ था. इसे भी पढ़ें -विधानसभा">https://lagatar.in/campaigning-for-the-second-phase-of-assembly-elections-ended-preparations-for-voting-completed/">विधानसभाचुनाव के दूसरे चरण का प्रचार थमा, मतदान की तैयारी पूरी [wpse_comments_template]
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