Search

राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा लखीमपुर से आगे बढ़ी, भाजपा-आरएसएस पर फिर हल्ला बोला

New Delhi : राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज सातवें दिन असम के लखीमपुर से फिर शुरू हुई. बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 14 जनवरी को मणिपुर के थौबल से यात्रा शुरू की थी. भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज शनिवार को अरुणाचल प्रदेश जायेगी. खबर है कि वहां से रविवार को फिर असम लौटेंगी. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 राहुल गांधी ने सड़क किनारे खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया

राहुल लखिमपुर जिले के बोगीनदी से यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं. यात्रा बहाल होने पर बस में सवार गांधी ने सड़क किनारे खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. सड़क किनारे लोगों के खड़े होने के कारण वह कई स्थानों पर बस से उतरे, लोगों से बातचीत की और कुछ मीटर तक उनके साथ पैदल भी चले. पार्टी द्वारा साझा किये गये कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा गोविंदपुर (लालुक) में रुकेगी जहां वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, जितेंद्र सिंह, भूपेन बोरा और देबब्रत सैकिया एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे.

अरुणाचल प्रदेश में  ध्वज हस्तांतरण समारोह का आयोजन किया जायेगा

यह यात्रा दोपहर को हरमती से फिर शुरू होगी और गुमटो से होते हुए अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करेगी जहां ध्वज हस्तांतरण समारोह का आयोजन किया जायेगा. पड़ोसी राज्य में राहुल ईटानगर में मिथुन गेट से पदयात्रा’ करेंगे और एक सभा को संबोधित करेंगे. यात्रा रात को ईटानगर के समीप चिम्पू गांव में रुकेगी. यात्रा रविवार को असम लौटेगी. असम के कालियाबोर में एक सार्वजनिक रैली भी होगी जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भाग लेंगे.

भाजपा-आरएसएस पूरे देश को दिल्ली से चलाना चाहते हैं

न्याय यात्रा के छठे दिन राहुल गांधी ने असम के लखीमपुर जिले के गोगामुख में एक जनसभा में अपना विचार रखे. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस पूरे देश को दिल्ली से चलाना चाहते हैं. कहा कि भाजपा-आरएसएस मानते हैं कि देश पर एक भाषा, एक नेता के तहत दिल्ली से शासन चलना चाहिए. हम इस बात से सहमत नहीं हैं.

असम का शासन दिल्ली से नहीं, असम से चलना चाहिए

राहुल का कहना था कि असम का शासन दिल्ली से नहीं, असम से चलना चाहिए. इस क्रम में उन्होंने कहा, हम पूर्वोत्तर राज्यों में लोगों की सुरक्षा को उतना ही महत्व देते हैं, जितना हम किसी अन्य राज्य में देते हैं. राहुल गांधी ने मणिपुर को लेकर कहा कि देश के इतिहास में पहली बार एक राज्य गृह युद्ध जैसे संकट से जूझ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं गये. वह वहां जा भी नहीं सकते, क्योंकि इससे भाजपा की राजनीतिक पोल खुल जायेगी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की आलोचना करते हुए फिर उन्हें सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कहा. wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//