Ranchi : भारतीय रेलवे अब अपने यात्री आरक्षण सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. साल 1986 से इस्तेमाल हो रहे पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी PRS को अब नयी डिजिटल तकनीक से लैस आधुनिक प्लेटफॉर्म से बदला जाएगा.
रेलवे मंत्रालय के अनुसार नयी व्यवस्था अगस्त 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू की जायेगी. रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.
नयी प्रणाली लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. रेलवे अब AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल करेगा, जिससे वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान पहले से ज्यादा सटीक हो जाएगा.
रेलवे के अनुसार जहां पहले इसकी सटीकता करीब 53 प्रतिशत थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी. रेल यात्रियों को ट्रेन की लाइव लोकेशन, प्लेटफॉर्म नंबर और कोच की जानकारी रियल टाइम में मिलेगी. इसके अलावा सीट पर खाना मंगाने की सुविधा को भी और बेहतर तरीके से सिस्टम से जोड़ा जाएगा.
रेलवे की नयी योजना के तहत रिजर्व टिकट, अनरिजर्व टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग एक ही ऐप के जरिए की जा सकेगी. शिकायत दर्ज करने और रिफंड लेने की सुविधा भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी.
रेलवे का नया Rail One ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. लॉन्च के एक साल के भीतर ही इस ऐप को 3.5 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं. रेलवे के मुताबिक हर दिन करीब 9.29 लाख टिकट इसी ऐप के जरिए बुक हो रहे हैं.
फिलहाल लगभग 88 प्रतिशत टिकट बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से हो रही है, जो रेलवे के तेजी से बढ़ते डिजिटल बदलाव को दिखाता है.
भारतीय रेलवे ने यह भी जानकारी दी है कि यात्रियों को अब भी किराए में बड़ी राहत दी जा रही है. वर्ष 2024-25 में रेलवे ने यात्री किराए पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी.
यानी यात्रियों को औसतन करीब 43 प्रतिशत कम किराए पर यात्रा की सुविधा मिल रही है. रेलवे का कहना है कि नयी तकनीक से यात्रियों को ज्यादा पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक सेवा मिलेगी.
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