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पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक आफत बन बरस रही बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से तबाही

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने से 288 सड़कें अवरुद्ध, बरसात जनित घटनाओं में कई लोगों की मौत NewDelhi : पहाड़ों से लेकर लेकर मैदानी इलाकों तक मॉनसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है. पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में बरसात जनित घटनाओं में कई लोगों की मौत हो गई. वहीं नदियों और बांधों में जलस्तर के खतरे के निशान को पार कर जाने पर चेतावनी जारी की गई है. हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिन से भारी बारिश के कारण भूस्खलनों और अचानक आयी बाढ़ के कारण 280 से अधिक सड़कें बंद रहीं. अधिकारियों ने बताया कि ऊना में उफान पर बह रहे नालों का पानी कई घरों में घुस गया है जबकि लाहौल और स्पीति पुलिस ने निवासियों तथा यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने और जाहलमान नाले का जल स्तर ‘तेजी से’ बढ़ने के कारण उसे पार न करने की सलाह दी है. https://lagatar.in/rains-landslides-and-floods-are-causing-havoc-from-the-mountains-to-the-plains/rain-44/"

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हिमाचल में अब तक  100 से अधिक लोगों की मौत

कुल्लू, मंडी और शिमला जिले में 31 जुलाई को अचानक आयी बाढ़ के बाद लापता हुए करीब 30 लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है लेकिन अभी कोई बड़ी सफलताा हाथ नहीं लगी है. अभी तक 28 शव बरामद किये गये हैं. राज्य में 27 जून से नौ अगस्त के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है और राज्य को करीब 842 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने बताया कि 288 सड़कें बंद हैं जिनमें से 138 सड़कें शुक्रवार और 150 शनिवार को बंद हुईं. राज्य आपात अभियान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मंडी में 96 सड़कें, शिमला में 76 सड़कें, कुल्लू में 37, सिरमौर में 33, चंबा में 26, लाहौल और स्पीति में सात, हमीरपुर में पांच और कांगड़ा तथा किन्नौर में चार-चार सड़कें बंद रहीं. पूह और कौरिक के बीच अचानक आयी बाढ़ और नेगुलसरिन के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर भूस्खलन के बाद किन्नौर का राज्य की राजधानी शिमला से संपर्क टूट गया है.

राज्य में 458 बिजली और 48 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 458 बिजली और 48 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान कार्यालय ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए पांच जिलों - बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और ऊना में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. गरज के साथ तूफान आने, बिजली गिरने और बारिश आने का पूर्वानुमान है. चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के कुछ स्थानों में अचानक बाढ़ आने की भी चेतावनी दी है. उसने बताया कि तेज हवाओं के कारण पेड़-पौधों, फसलों, संवेदनशील ढांचों और ‘कच्चे’ मकानों को नुकसान पहुंच सकता है और निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है.

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में चेतावनी जारी

वहीं कर्नाटक के कोप्पल में तुंगभद्रा नदी पर स्थित पंपा सागर बांध के 19वें फाटक की चेन टूट जाने के बाद भारी मात्रा में पानी बाहर आने पर बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है. जल संसाधन विभाग के सूत्रों ने बताया कि उन्हें जलाश्य के मरम्मत कार्य के लिए बांध की कुल मौजूदा क्षमता 105 टीएमसी के मुकाबले जल स्तर को घटाकर 65 से 55 टीएमसी तक करना होगा. विभाग ने जलाश्य का मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए पांच फाटकों को छोड़कर अन्य सभी फाटक खोल दिए हैं. वहीं आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) ने तुंगभद्रा बांध का द्वार बह जाने के बाद कृष्णा नदी के किनारे रह रहे लोगों को रविवार को सतर्क रहने की सलाह जारी की. एपीएसडीएमए के प्रबंध निदेशक आर कुर्मानाध ने बताया कि चेन की एक कड़ी टूटने के कारण द्वार संख्या 19 पानी के बहाव में बह गया. खबरों के अनुसार, यह हादसा होसपेट में शनिवार रात को हुआ.

पंजाब में उफनती नदी में वाहन  बहा, एक परिवार के सात सदस्यों की मौत

पंजाब के होशियारपुर से लगभग 34 किलोमीटर दूर जैजों में पानी से लबालब छोटी बरसाती नदी में एक वाहन के बह जाने से एक परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लापता हो गए. पंजाब और अन्य इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण नदी उफान पर है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिवार के दस सदस्य स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) चालक के साथ हिमाचल प्रदेश के मेहतपुर के निकट देहरा से विवाह समारोह में शामिल होने एसबीएस नगर के मेहरोवाल जा रहे थे. मेहरोवाल के निकट वाहन उफनती नदी में बह गया. कई स्थानीय व्यक्तियों ने वाहन में सवार एक व्यक्ति को किसी तरह बचा लिया और जैजों में सरकारी चिकित्सालय ले गए. दो महिलाओं समेत सात व्यक्तियों के शव नदी से बरामद कर लिए गए हैं. तीन लापता व्यक्तियों की तलाश जारी है.

राजस्थान : करौली में भारी बारिश से मकान ढहा, पिता-पुत्र की मौत

राजस्थान के करौली जिले में रविवार तड़के भारी बारिश के कारण एक मकान ढह जाने से उसके मलबे में दबकर 40 वर्षीय एक व्यक्ति और उसके बेटे की मौत हो गई तथा दो अन्य लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शहर के डोलीखर मोहल्ले में उस समय हुई, जब परिवार के लोग अपने घर में सो रहे थे. भारी बारिश के कारण मकान ढहने उसके मलबे में दबकर दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान जाकिर खान (40) और उसके बेटे राशिद खान (12) के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे.

जालौन में मकान की छत गिरी,  मां-बेटे की मौत, पिता-पुत्री  घायल

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोच पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार तड़के एक मकान की छत गिर जाने से उसके नीचे सो रहे मां-बेटे की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि पिता-पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हादसा कोतवाली कोच के महलुबा गांव में तड़के करीब साढ़े पांच बजे हुआ, जब अखिलेश नामक व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर में सो रहा था. प्रथम दृष्टतया ऐसा प्रतीत होता है कि अधिक बारिश के कारण मकान की पुरानी छत में नमी आ गई और वह भरभराकर गिर पड़ी. इस हादसे में छत के नीचे सो रहा अखिलेश (35), उसकी पत्नी मोहिनी (32), बेटा देबू (सात) और बेटी अदिति (10) मलबे में दब गए. पुलिस चारों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोच ले गई, जहां चिकित्सकों ने देबू और मोहिनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल अखिलेश और अदिति को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया.

मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर बांध से पानी छोड़ा गया, सरदार सरोवर बांध का जलस्तर बढ़ा 

भारी बारिश और मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर बांध से पानी छोड़े जाने पर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित सरदार सरोवर बांध का जल स्तर बढ़ गया जिसके कारण वडोदरा प्रशासन को एहतियात के तौर पर रविवार को जिले के 25 गांवों को सतर्क करना पड़ा. अधिकारियों ने कहा कि इन गांवों के निवासियों को नर्मदा नदी के तटवर्ती इलाकों में नहीं जाने के लिए कहा गया है. उन्होंने बताया कि सरदार सरोवर बांध का जलस्तर बढ़ जाने के कारण इसके नौ ‘रेडियल’ फाटकों को 1.50 मीटर तक खोल दियागया है. रविवार सुबह बांध में पानी का स्तर 134.75 मीटर दर्ज किया गया, जबकि जलाशय की कुल जलधारण क्षमता 138.68 मीटर है. पिछले 24 घंटे में बांध का जलस्तर 3.5 मीटर बढ़ गया.

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