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रैयतों का कोर्ट में बयान - बुढ़मू CO ने मांगी थी रिश्वत, नहीं दिया तो काम करने से किया इनकार

बुढ़मू के अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा के खिलाफ दो रैयतों ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया है. दोनों रैयतों ने आरोप लगाया है कि जमीन से जुड़े काम के बदले उनसे रिश्वत की मांग की गई थी. रिश्वत देने से इनकार करने पर कथित तौर पर उनका काम नहीं करने की बात कही गई.
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Ranchi: बुढ़मू के अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा के खिलाफ दो रैयतों ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया है. दोनों रैयतों ने आरोप लगाया है कि जमीन से जुड़े काम के बदले उनसे रिश्वत की मांग की गई थी. रिश्वत देने से इनकार करने पर कथित तौर पर उनका काम नहीं करने की बात कही गई.

 

यह मामला उस समय और गंभीर हो गया है, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार बुढ़मू CO सच्चिदानंद कुमार वर्मा, राजस्व उप निरीक्षक सह भू-राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि और उसके भाई गौतम किशोर रवि को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की. अब तीनों की रिमांड अवधि पूरी हो चुकी है.

 

मामले के शिकायतकर्ता मांडर थाना क्षेत्र के ब्रांबे निवासी सुबोध कुमार हैं. उन्होंने बुढ़मू प्रखंड के साड़म मौजा में खरीदी गई जमीन के म्यूटेशन के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत ACB से की थी. शिकायत के अनुसार, पहले भू-राजस्व कर्मचारी ने 80 से 90 हजार रुपये की मांग की थी, जबकि बाद में उसके भाई ने 10 हजार रुपये देने को कहा था.

 

शिकायत के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई. इसके बाद कार्रवाई करते हुए ACB ने गौतम किशोर रवि, राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि और CO सच्चिदानंद कुमार वर्मा को गिरफ्तार किया था.

 

200 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी की जांच

रिमांड के दौरान ACB ने पूरे मामले के पीछे के नेटवर्क और जमीन से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में 200 एकड़ से अधिक जमीन के रिकॉर्ड में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हेराफेरी किए जाने की जानकारी सामने आई है.

 

आरोप है कि कहीं ऑनलाइन रिकॉर्ड में खाता और प्लॉट नंबर में छेड़छाड़ की गई, तो कहीं रजिस्टर-2 में बदलाव कर जमीन का रिकॉर्ड बदला गया. इसके अलावा जमीन माफियाओं के साथ कथित मिलीभगत कर विवादित जमीनों की खरीद-बिक्री और प्लॉटिंग कराने के आरोपों की भी जांच की जा रही है.

 

सूत्रों के अनुसार, ACB ने रिमांड के दौरान इस मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की है. अब जांच एजेंसी की नजर उन बिचौलियों, जमीन कारोबारियों और अन्य लोगों पर है, जिनके नाम पूछताछ के दौरान सामने आए हैं. माना जा रहा है कि तीनों आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर 200 एकड़ से अधिक जमीन से जुड़े कथित खेल में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं.

 

वहीं कोर्ट में दो रैयतों द्वारा दिए गए बयान के बाद CO के खिलाफ रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर जांच का दायरा और बढ़ सकता है. हालांकि पूरे मामले में ACB की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और रिश्वतखोरी के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

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