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36 साल पुराने मामले में राज बब्बर को दो साल की सजा

New Delhi : कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो साल व साढ़े छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. उनके खिलाफ वजीरगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी. मतदान केंद्र में घुसकर मतदान प्रभावित करने और पोलिंग एजेंट से दुर्व्यवहार करने के मामले में कोर्ट ने राज बब्बर को ये सजा सुनाई है. इस मामले में मतदान अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह राणा ने दो मई 1996 को वजीरगंज थाना में राज बब्बर, अरविंद यादव समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसमें कहा गया है कि राज बब्बर अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र में जबरदस्ती घुसकर सरकारी कामकाज में विघ्न डाला और ड्यूटी पर मौजूद लोगों से दुर्व्यवहार भी किया.

1996 में आरोप पत्र दाखिल किया गया था

इस मामले में विवेचना के बाद 23 मार्च 1996 को राज बब्बर व अरविंद यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था. राज बब्बर ने 80 के दशक के आखिर में फिल्मी दुनिया के साथ सियासत का सफर शुरू किया था. 1989 में उन्होंने वीपी सिंह के नेतृत्व में जनता दल का दामन थामा था. इसके बाद वह समाजवादी पार्टी में गए और तीन बार लोकसभा सांसद रहे. 2004 में वह लोकसभा सांसद बने थे. 2006 में मुलायम सिंह यादव के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए. समाजवादी पार्टी को अलविदा कह 2008 में वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2009 में फिरोजाबाद से उन्होंने अखिलेश यादव को सबसे बड़ा झटका दिया. अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को उन्होंने शिकस्त दी. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद राज बब्बर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसे भी पढ़ें- ‘काली’">https://lagatar.in/on-the-kali-controversy-the-ministry-of-external-affairs-said-the-organizers-have-apologised-now-there-will-be-no-film-screen/">‘काली’

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