Ranchi: राजधानी के राज अस्पताल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक की मौत का मामला पूरी तरह से गहरा गया है. अब इस मामले में खुद सीएम ने जांच के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने सिविल सर्जन के माध्यम से जिला स्तरीय विशेष जांच टीम गठित की. शनिवार को परियोजना पदाधिकारी मनीषा तिर्की के नेतृत्व में जांच दल अस्पताल पहुंचा और मरीज के इलाज से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और बिलिंग प्रक्रिया की जांच शुरू की. जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी.
इधर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार को उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में इलाज में लापरवाही या अन्य अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. वहीं पूरे मामले में राज अस्पताल प्रबंधन ने आरोप को बेबुनियाद बताया.
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, यह मामला करीब एक सप्ताह पहले का है. बताया जाता है कि लातेहार निवासी 18 वर्षीय युवक राजू कुमार रंजन का सड़क दुर्घटना में पैर टूट गया था. करीब 40 दिन पहले उसे राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसके पैर में इंफेक्शन हो गया. और अंततः उसकी मौत हो गई. इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उसके परिजनों को 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया.
इसके बाद राजू कुमार रंजन के परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों व प्रबंधन की लापरवाही के कारण राजू की मौत हो गई. परिजनों के दवाब में राजू का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया है. ताकि मौत के कारणों का पत चल सके और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई हो सके.
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