Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

राजेश एक्सपोर्ट्स का 15 लाख करोड़ का रेवेन्यू घोटाला, सेबी ने ट्रेडिंग करने से रोका, कांग्रेस ने प्रेस कॉंफ्रेस कर मोदी सरकार को घेरा

खेड़ा ने कहा कि सेबी की लापरवाही के कारण 15 लाख करोड़ रुपये के घोटाला समय रहते नहीं रोका जा सका. SEBI सहित अन्य एजेंसियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की. खेड़ा ने कहा कि LIC के साथ हुए धोखे की जिम्मेदारी कौन लेगा. उन्होंने तंज कसा. नरेंद्र मोदी जिम्मेवारी लेंगे या निर्मला सीतारमण? . बता दें कि मार्च 2026  के कंपनी के डेटा के अनुसार  एलआईसी की कंपनी के शेयरों में हिस्सेदारी 10.80 फ़ीसदी थी. जबकि मार्च 2017 में एलआईसी की हिस्सेदारी महज 1.19 फ़ीसदी थी.
Advertisement
Advertisement

New Delhi : कांग्रेस ने राजेश एक्सपोर्ट्स घोटाले को लेकर मोदी सरकार को निशाने पर लिया है.आरोप लगाया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) सहित अन्य नियामक संस्थाओं की निष्क्रियता के कारण देश में निवेश का माहौल प्रभावित हो रहा है. निवेशकों का भरोसा लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है.

 

बता दें कि सेबी की जांच के दायरे में आयी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स पर वित्त वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 के बीच कथित तौर पर 15.15 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप है. तीन जून 2026 को SEBI ने राजेश मेहता और उनकी कंपनी को ट्रेडिंग करने से रोक दिया है. 

 

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आज शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों के समक्ष राजेश एक्सपोर्ट्स घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि हर घंटे लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश देश से बाहर जा रहा है.

 

खेड़ा ने कहा कि सेबी की लापरवाही के कारण 15 लाख करोड़ रुपये के घोटाला समय रहते नहीं रोका जा सका. SEBI सहित अन्य एजेंसियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की. पवन खेड़ा ने बड़े आर्थिक अपराधों के मामलों में जांच और नियामकीय निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये. 

 

पवन खेड़ा ने कहा कि राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर 900 रुपए/शेयर से गिरकर 80-90 रुपए/शेयर पर आ गये. पूछा कि क्या मोदी सरकार को इस बारे में जानकारी नहीं थी कि इतना बड़ा घोटाला हो रहा है.

 

पूछा कि  अगर पता था तो किसे बचाया जा रहा था?  इस घोटाले से हुए  निवेशकों को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा. खेड़ा ने कहा कि LIC के साथ हुए धोखे की जिम्मेदारी कौन लेगा. उन्होंने तंज कसा,

 

नरेंद्र मोदी जिम्मेवारी लेंगे या निर्मला सीतारमण? . बता दें कि मार्च 2026  के कंपनी के डेटा के अनुसार  एलआईसी की कंपनी के शेयरों में हिस्सेदारी 10.80 फ़ीसदी थी. जबकि मार्च 2017 में एलआईसी की हिस्सेदारी महज 1.19 फ़ीसदी थी. 

 

पवन खेड़ा ने भारत में लिस्टेड कंपनियों के लिए बने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि SEBI को राजेश एक्सपोर्ट्स से जानकारियां मांगनी चाहिए थीं.  SEBI  ने राजेश एक्सपोर्ट्स से उनके Cash flow के बारे में क्यों नहीं पूछा. आरोप लगाया कि भारी अनियमितता के बावजूद SEBI 7 माह तक शिकायत पर कुंडली मारकर बैठी रही.

 

खेड़ा  के अनुसार मार्च 2024 में एक शेयरहोल्डर ने शिकायत की, लेकिन LIC लगातार राजेश एक्सपोर्ट्स में पैसे लगाता रहा. इसका कारण था कि  क्योंकि माधबी पुरी बुच ने 7 महीने तक उस शिकायत पर कुछ नहीं किया.

 

साल 2020-21 और 2024-25 के बीच में राजेश एक्सपोर्ट्स ने कागजों पर 15.15 लाख करोड़ रुपए का काम दिखाया है, लेकिन कोई एजेंसी नहीं जागी. तंज कसा कि नरेंद्र मोदी के दोस्त राजेश भाई ने 15 लाख करोड़ का घोटाला कर लिया.  मेहुल भाई, विजय भाई, नीरव भाई, ललित भाई, राजेश भाई ये सब नरेंद्र भाई के दोस्त हैं और ये भाईचारा देश पर बहुत महंगा पड़ रहा है.

 

पवन खेड़ा ने कहा कि अब SEBI ने राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर्स पर भारी पैमाने की वित्तीय धोखाधड़ी और पैसे का गबन करने का आरोप लगाया है, आरोप लगाया कि SEBI ने जांच शुरू करने में ही सात महीने लगा दिये. अब जाकर SEBI की आंख खुली है.   
 


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही