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राजनाथ सिंह का बयान सुर्खियों में, ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता में भविष्य में भारत की भूमिका हो सकती है

 Berlin : भारत ने हमेशा शांति की कोशिश की है. भारत भविष्य में ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता में भूमिका निभा सकता है. सही समय आने पर भारत आगे आ सकता है.

 

जर्मनी के तीन दिवसीय दौरे पर गये रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह बात कही. रक्षा मंत्री पहले दिन मंगलवार को बर्लिन में भारतीय समुदाय के  

 

 

इससे पूर्व रक्षा मंत्री को मंगलवार को जर्मन वायु सेना के एयरक्राफ्ट में म्यूनिख से बर्लिन ले जाया गया.उड़ान के दौरान फाइटर जेट्स ने उन्हें एस्कॉर्ट कर रहे थे. बर्लिन पहुंचने पर उन्हें सैन्य सम्मान दिया गया.

 

खबर है कि वह जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस सहित अन्य सीनियर नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे.   

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी में यह बात स्पष्ट कर दी किईरान-अमेरिका के बीच मौजूदा हालत में भारत भले ही सीधे मध्यस्थता में शामिल नहीं है,  लेकिन भविष्य में इसकी संभावना से हम इनकार नहीं कर सकते.

 

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों पक्षों से युद्ध समाप्त करने की अपील की है, लेकिन हर चीज का एक सही समय होता है। हो सकता है वह समय जल्द आये, जब भारत अपनी भूमिका निभायेगा और उसमें सफलता भी मिल सकती है.

 

राजनाथ सिंह का यह बयान पूरी दुनियां मे चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि वर्तमान में पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें लगभग नाकामयाब होती दिख रही हैं. 

 

राजनाथ सिंह ने कहा क  पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन आज पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है. होर्मुज स्ट्रेट में आ रही बाधाओं के संदर्भ में कहा कि यह  भारत के लिए सीधे असर डालने वाली हैं.

 

क्योंकि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है. वहां का कोई भी संकट हमारे लिए अहम हो जाता है. कहा कि आज के दौर में किसी भी क्षेत्रीय संकट को सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं माना जा सकता.  

 

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