ये चार तथ्य भी हैं गौर करने लायक
- अनुराग गुप्ता पर जिन लोगों ने आरोप लगाया है, उन्होंने जो सीडी पुलिस को सौंपा, एफएसएल जांच में सीडी में छेड़छाड़ पाया गया है. - पुलिस को एक मोबाईल फोन सौंपा गया था, जिसके बारे में कहा गया था कि इसी मोबाईल से रिकॉर्डिंग की गयी थी, एफएसएल जांच में यह पाया गया कि जब्त मोबाइल से कोई रिकॉर्डिंग नहीं की गई. - विभागीय कार्यवाही में डीजी अनुराग गुप्ता निर्दोष पाये गए हैं. - पूर्व विधायक निर्मला देवी ने इस मामले में हाई कोर्ट में इलेक्शन पीटिशन दाखिल किया था, जिसे उन्होंने बाद में वापस ले लिया.साल 2016 में मामला दर्ज हुआ था
केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आदेश पर जगन्नाथपुर थाने में मामले को लेकर कांड संख्या - 154/18 दर्ज किया गया था. जांच दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, उनकी पत्नी निर्मला देवी (तत्कालीन विधायक) का भी बयान लिया गया था. निर्मला देवी ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और उनके सहयोगियों, विशेष शाखा के तत्कालीन एडीजी अनुराग गुप्ता, तत्कालीन मुख्यमंत्री के सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के एवज में लालच दिया और भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था. इसे भी पढ़ें – अंबा">https://lagatar.in/on-the-initiative-of-amba-prasad-many-schemes-got-approval-drain-and-road-will-be-constructed-in-barkagaon/">अंबाप्रसाद की पहल पर कई योजनाओं को मिली स्वीकृति, बड़कागांव में नाली और सड़क का होगा निर्माण [wpse_comments_template]

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