Ranchi : झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है. झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम और निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज कर ली है. हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. मतदान में सभी 81 विधायकों ने वोट डाले थे. तीन वोट अमान्य घोषित हुए. नाथवानी को 30 वोट मिले, जबकि बैद्यनाथ राम को 29 वोट.
इस बीच एक सूत्र ने दावा किया है कि मतदान में कांग्रेस प्रत्याशी को राजद के चार व माले के दो विधायकों का समर्थन नहीं मिला. सभी छह वोट निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में गए. इस कारण कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा.
उल्लेखनीय है कि आधिकारिक घोषणा से पहले ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 25 वोट प्राप्त हुए हैं. विधानसभा परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने "जय श्री राम" के नारे लगाए, जिससे माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया.
परिमल नाथवानी देश के प्रमुख उद्योगपतियों और अनुभवी राजनेताओं में गिने जाते हैं. वे वर्ष 2008 से 2020 तक झारखंड का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. इसके बाद वे आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने. उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्ति की ओर है और इसी बीच उन्होंने झारखंड से फिर राज्यसभा पहुंचने की दावेदारी पेश की.
इस बार का चुनाव शुरुआत से ही बेहद दिलचस्प माना जा रहा था. झारखंड विधानसभा में जीत के लिए 28 वोटों की जरूरत थी, जबकि एनडीए के पास केवल 24 विधायक थे. ऐसे में नथवानी की जीत का रास्ता क्रॉस वोटिंग से होकर गुजरता दिख रहा था. मतदान के बाद सामने आए आंकड़ों ने इसी संभावना को मजबूत किया.
अगर 28 वोट मिलने की खबर आधिकारिक नतीजों में बदलती है, तो यह परिमल नाथवानी की बड़ी राजनीतिक वापसी मानी जाएगी. साथ ही यह भी साफ संकेत होगा कि चुनाव में क्रॉस वोटिंग ने निर्णायक भूमिका निभाई. झारखंड की राजनीति में 2026 का यह राज्यसभा चुनाव लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा.
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