Lohardaga: कुड़ू प्रखंड के सलगी स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भाई बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया. इस बीच बहनों ने भाईयों के कलाई में रक्षा सूत्र बांधते हुए अपने रक्षा का वचन लिया. यहां पर भाईयों ने भी अपनी बहनों को पूरे हौसला के साथ रक्षा का वचन दिया. मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोहर साहू ने भैया बहनों को रक्षाबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि महाभारत काल से ही रक्षा बंधन मनाया जा रहा है. महाभारत के समय एक बार भगवान कृष्ण की अंगुली में चोट लग गई थी और उसमें से खून बहने लगा था. ये देखकर द्रौपदी ने आंचल का पल्लू फाड़कर उनकी कटी अंगुली में बांध दिया. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन से रक्षासूत्र या राखी बांधने की परंपरा शुरू हुई. राखी सिर्फ़ एक धागा नहीं है बल्कि स्नेह, विश्वास और साझा किए गए वादों का प्रतीक है. रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुरक्षा और खुशी की कामना करती हैं. भाइयों को भी अपनी बहनों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. रक्षाबंधन का त्योहार हमें रिश्तों की महत्ता को सिखाता है. यह त्योहार हमें प्यार, सम्मान और देख-भाल के महत्व को समझाता है. हम सभी शिशु मंदिर में भी आपस मे भाई बहन की तरह रहते हैं . भेदभाव को भुलाकर सभी एक दूसरे का सहयोग करते हैं. उन्होंने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी. मौके पर विद्यालय के सभी आचार्य आचार्या उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें - NIA">https://lagatar.in/nia-investigation-reveals-naxalite-leader-pramod-mishra-had-given-instructions-to-eliminate-police-informer/">NIA
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लोहरदगा: एसएसवीएम सलगी में धूमधाम से मना रक्षाबंधन
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