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मुख्यमंत्री को सभी दस्तावेज संलग्न कर पत्र लिखा गया
अधिवक्ता सत्य प्रकाश के मुताबिक भवन निर्माण विभाग झारखंड सरकार के द्वारा उक्त कार्य के लिए जो BOQ की राशि निर्धारित की गई थी, वह 71 करोड़ 4 लाख 92 हज़ार 173 रुपये थी. कार्य के आवंटन के लिए जो बोली (L2) निर्धारित की गई थी. वह 63 करोड़ 94 लाख 42 हज़ार 955 रुपये थी. जो BOQ (बिल ऑफ़ क़्वान्टिटी) से 10 प्रतिशत कम थी. लेकिन जिस राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को इस कार्य का टेंडर मिला उसने 63 करोड़ 94 लाख 42 हज़ार 954 रुपये का टेंडर भरा यानि L2 के लिए निर्धारित की गई राशि से मात्र एक रुपये कम. अब इसे महज इत्तेफाक कहा जाये या फिर सुनियोजित तरीके से किया गया खेल. यह जांच का विषय है. इस पूरे मामले को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री को सभी दस्तावेज संलग्न कर पत्र लिखा गया है और इस पूरी टेंडर प्रक्रिया की जांच की मांग की गई है. इसे भी पढ़ें - पाकुड़">https://lagatar.in/pakur-prisoner-hanged-in-hiranpur-police-station-was-arrested-on-sunday/">पाकुड़: हिरणपुर थाना में कैदी ने लगायी फांसी, रविवार को किया गया था गिरफ्तार
निर्माण टेंडर के दो वर्ष के अंदर पूरा किया जाना था
बता दें कि वर्ष 2018 से दिल्ली में बन रहे झारखंड भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है. टेंडर के मुताबिक दिल्ली के बंगला साहेब लेन में झारखंड भवन का निर्माण टेंडर के दो वर्ष के अंदर पूरा किया जाना था. लेकिन टेंडर होने के करीब 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक सिर्फ लगभग 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है. उम्मीद की जा रही है कि काम में हुई इस देरी से निर्माण का खर्च बढ़ सकता है. इसे भी पढ़ें - पूर्णिया">https://lagatar.in/purnia-a-horrific-road-accident-8-killed-many-injured-due-to-truck-overturning/">पूर्णिया: भीषण सड़क हादसा, ट्रक पलटने से 8 की मौत, कई लोग घायल [wpse_comments_template]

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