: पांच वर्षीय बच्ची की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार)
स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस पर दिया था विवादित बयान
स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस की कुछ चौपाईयों को दलित व महादलित विरोधी बताते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी. मौर्य ने कहा था कि अगर भाजपा सरकार रामचरितमानस की चौपाइयों पर प्रतिबंध नहीं लगाती या उनमें संशोधन नहीं करती तो प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर रामचरितमानस की चौपाइयों पर प्रतिबंध लगायेंगे. उन्होंने कहा था कि इसे तुलसीदास ने अपनी खुशी के लिए लिखा है. स्वामी प्रसाद ने लंपट, दुराचारी, अनपढ़ गंवार ब्राह्मण को भी पूजनीय बताने और शूद्र के ज्ञानी, विद्वान होने पर भी उसका सम्मान करने वाले अंश का जिक्र करते हुए सवाल किया था कि क्या यही धर्म है? स्वामी प्रसाद के बयान पर सियासी घमासान मच गया था. इसे भी पढ़ें : लाल">https://lagatar.in/stock-market-opens-on-red-mark-sensex-down-282-points-tech-mahindra-top-loser/">लालनिशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 282 अंक टूटा, टेक महिंद्रा टॉप लूजर
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर सपा ने लिया किनारा
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर सपा ने किनारा कर लिया था. सपा के कई नेताओं ने भी इस पर नाराजगी जतायी थी. सपा की ओर से एक लेटर जारी कर आदेश दिया गया था. जिसमें कहा गया था कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निर्देश दिया है कि सभी कार्यकर्ताओं, पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और टीवी पैनलिस्ट को यह बात ध्यान में रखना चाहिए कि सपा डॉ. लोहिया के आदर्शों से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद में आस्था रखती है. “सभी को सांप्रदायिक मुद्दों पर बहस से परहेज करना चाहिए. हमें राजनीतिक चर्चा और बुनियादी सवालों पर ही अपना पूरा ध्यान रखना है. धार्मिक मुद्दा संवेदनशील मुद्दा है. हमें अनायास उससे संबंधित बहसों में नहीं उलझना चाहिए. कृपया अपने टीवी चैनलों की बहस में इसका ध्यान रखें. इसे भी पढ़ें : दर्दनाक">https://lagatar.in/painful-family-was-returning-after-daughters-marriage-five-including-parents-died-in-road-accident/">दर्दनाक: बेटी की शादी कर लौट रहा था परिवार, सड़क दुर्घटना में माता-पिता सहित पांच की मौत, 11 की हालत गंभीर [wpse_comments_template]

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