Ramgarh: चितरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पीएचईडी विभाग द्वारा जलापूर्ति की जाती है, लेकिन चितरपुर प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से पेयजलापूर्ति व्यवस्था ठप पड़ गयी है. जिससे आस-पास क्षेत्र के हजारों लोगों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. लोग दिनभर पेयजल की जुगाड़ में लगे रहते हैं. खास कर महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक पानी ढोते रहते हैं. जिससे उनके घर का कामकाज भी प्रभावित होता है.
जानकारी के अनुसार भैरवी नदी से पाइप के माध्यम से चितरपुर रजरप्पा मोड़ एवं बाजारटांड़ स्थित जलमीनार में पानी पहुंचाया जाता है. इसके बाद यहां से चितरपुर, सांडी, मारमंगरचा, मायल, सोंढ़, नावा बगीचा, तेबरदाग आदि गांवों में पेयजलापूर्ति की जाती है. लेकिन बाजारटांड़ स्थित जलमीनार में 350 एमएम का गेट भल्ब खराब हो गया है. जिसके कारण पेयजलापूर्ति ठप हो गई है. पेयजलापूर्ति व्यवस्था ठप रहने से इन गांवों के लगभग 25 हजार से अधिक लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग गेट भल्ब खराब होने की सूचना को गंभीरता से लेती, तो इतनी बड़ी आबादी को परेशानी नहीं झेलना पड़ता है. विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है. इस क्षेत्र में आये कुछ ना कुछ कारण से कई दिनों तक पेयजलापूर्ति व्यवस्था ठप रहती है. जिससे ग्रामीणों में रोष है. इस बाबत वार्ड सदस्य सह कांग्रेस नेता अनवारुल हसन ने कहा कि जल्द ही पेयजलापूर्ति योजना शुरू नहीं होती है तो हमलोग सड़क पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होंगे. जिसकी सारी जवाबदेही विभाग की होगी.
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