Ramgarh: हर चीज की कीमत एमआरपी रेट पर ली जाती है, लेकिन यहां शराब पर ग्राहकों से दस रुपए अधिक लिये जा रहे हैं. ग्राहक इस बढ़ी कीमत को लेकर परेशान हैं. वे न तो इसका विरोध कर पा रहे हैं और न ही इसका बहिष्कार कर पा रहे हैं. लिहाजा जिस कीमत पर शराब मिल रही है, उसे वे खरीद रहे हैं. इसे लेकर उनमें विभाग के खिलाफ नाराजगी है. https://lagatar.in/">
style="color: #0000ff;">लगातार मीडिया की टीम कीमत की हकीकत को जानने के लिए सीधे ग्राहकों के पास पहुंची और उनसे बात की. बरकाकाना निवासी, अमित कुमार महतो: 2008 से शराब का सेवन कर रहे हैं. तब एक मैकडॉवेल नीब (क्वार्टर) की कीमत 95 रुपए थी. आज इसी की कीमत 170 रुपए है. अन्य कंपनियों की शराब की कीमत भी बढ़ गयी है. इससे शराब पीना अब महंगा पड़ रहा है. पहले शराब महीने के 20 दिन पीते थे. अब दस दिन ही पीते हैं. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. बढ़ी कीमत पर रोक लगानी चाहिए. बरकाकाना, सीआईसी बस्ती निवासी, कृष्ण कुमार: कृष्ण कुमार मजदूर हैं. मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं. उनका कहना है कि शराब की कीमत इन दिनों काफी बढ़ गयी है. दो दशक से शराब पी रहे हैं. साल 2000 में एक ब्लेंडर नीब (क्वार्टर) की कीमत 80 रुपए थी. आज 270 है. उस पर भी दस रुपए अधिक ली जा रही है. ऐसे में अब कभी-कभी ही शराब पीते हैं. विभाग को इसे देखना चाहिए, ताकि लोगों को उचित कीमत पर शराब मिले. जायसवाल कॉलोनी निवासी, धर्मेंद्र कुमार: धर्मेंद्र कभी-कबी शराब पीते हैं, लेकिन वे भी एमआरपी से अधिक कीमत लिये जाने से परेशान हैं. शराब लेने जाते हैं तो, दस रुपए अधिक देने पड़ते हैं. हम किधर जाएं. जब कभी खाद्य सामग्री या अन्य चीजों की कीमत बढ़ती है, तो राजनीतिक दल से लेकर सामाजिक संगठन के लोग आंदोलन करते हैं, लेकिन शराब की कीमत बढ़ती है तो कोई भी संगठन आंदोलन के लिए आगे नहीं आता है. उचित कीमत पर शराब मिलनी चाहिए. यही हमारी मांग है. मनीष कुमार करमाली: मनीष ट्रैक्टर चालक हैं. उनकी सीमित आय है. उसी से घर का खर्च चलता है. इन्हीं पैसों से अपना शौक भी पूरा करते हैं. लेकिन वे भी शराब पर एमआरपी से अधिक कीमत लेने से नाराज हैं. आज रॉयल स्टेज शराब नीब (क्वार्टर) की कीमत 190 है. सप्ताह में एक बार पीते हैं. मेरे कई ऐसे दोस्त हैं, जो पहले अंग्रेजी शराब पीते थे. वे भी अब शराब की इस बढ़ी कीमत से परेशान हैं. अब स्थिति यह है कि शराब छोड़ महुआ पीने लगे हैं. शिवपुरी कॉलोनी निवासी, रंजीत कुमार: आज से 3 साल पहले ब्लेंडर प्राइड की फुल बोतल की कीमत 760 रुपए थी. आज इसकी कीमत 240 है. हम प्रत्येक दिन ब्लेंडर प्राइड की नीब (क्वार्टर) बोतल लेते हैं. शराब महंगी हो जाने से हम पीने वालों को परेशानी हो रही है. कोरोना काल में आपदा फंड के नाम से कीमत बढ़ायी गयी थी. जिसे आज तक कम नहीं किया गया. दूसरी तरफ एमआरपी से दस रुपए अधिक लिये जा रहे हैं. इस पर ध्यान देना चाहिए. इसे भी पढ़ें- पीएम">https://lagatar.in/pm-modis-visit-to-bihar-centenary-pillar-of-the-assembly-will-be-unveiled-will-give-many-gifts/">पीएम
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style="color: #0000ff;">लगातार मीडिया की टीम कीमत की हकीकत को जानने के लिए सीधे ग्राहकों के पास पहुंची और उनसे बात की. बरकाकाना निवासी, अमित कुमार महतो: 2008 से शराब का सेवन कर रहे हैं. तब एक मैकडॉवेल नीब (क्वार्टर) की कीमत 95 रुपए थी. आज इसी की कीमत 170 रुपए है. अन्य कंपनियों की शराब की कीमत भी बढ़ गयी है. इससे शराब पीना अब महंगा पड़ रहा है. पहले शराब महीने के 20 दिन पीते थे. अब दस दिन ही पीते हैं. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. बढ़ी कीमत पर रोक लगानी चाहिए. बरकाकाना, सीआईसी बस्ती निवासी, कृष्ण कुमार: कृष्ण कुमार मजदूर हैं. मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं. उनका कहना है कि शराब की कीमत इन दिनों काफी बढ़ गयी है. दो दशक से शराब पी रहे हैं. साल 2000 में एक ब्लेंडर नीब (क्वार्टर) की कीमत 80 रुपए थी. आज 270 है. उस पर भी दस रुपए अधिक ली जा रही है. ऐसे में अब कभी-कभी ही शराब पीते हैं. विभाग को इसे देखना चाहिए, ताकि लोगों को उचित कीमत पर शराब मिले. जायसवाल कॉलोनी निवासी, धर्मेंद्र कुमार: धर्मेंद्र कभी-कबी शराब पीते हैं, लेकिन वे भी एमआरपी से अधिक कीमत लिये जाने से परेशान हैं. शराब लेने जाते हैं तो, दस रुपए अधिक देने पड़ते हैं. हम किधर जाएं. जब कभी खाद्य सामग्री या अन्य चीजों की कीमत बढ़ती है, तो राजनीतिक दल से लेकर सामाजिक संगठन के लोग आंदोलन करते हैं, लेकिन शराब की कीमत बढ़ती है तो कोई भी संगठन आंदोलन के लिए आगे नहीं आता है. उचित कीमत पर शराब मिलनी चाहिए. यही हमारी मांग है. मनीष कुमार करमाली: मनीष ट्रैक्टर चालक हैं. उनकी सीमित आय है. उसी से घर का खर्च चलता है. इन्हीं पैसों से अपना शौक भी पूरा करते हैं. लेकिन वे भी शराब पर एमआरपी से अधिक कीमत लेने से नाराज हैं. आज रॉयल स्टेज शराब नीब (क्वार्टर) की कीमत 190 है. सप्ताह में एक बार पीते हैं. मेरे कई ऐसे दोस्त हैं, जो पहले अंग्रेजी शराब पीते थे. वे भी अब शराब की इस बढ़ी कीमत से परेशान हैं. अब स्थिति यह है कि शराब छोड़ महुआ पीने लगे हैं. शिवपुरी कॉलोनी निवासी, रंजीत कुमार: आज से 3 साल पहले ब्लेंडर प्राइड की फुल बोतल की कीमत 760 रुपए थी. आज इसकी कीमत 240 है. हम प्रत्येक दिन ब्लेंडर प्राइड की नीब (क्वार्टर) बोतल लेते हैं. शराब महंगी हो जाने से हम पीने वालों को परेशानी हो रही है. कोरोना काल में आपदा फंड के नाम से कीमत बढ़ायी गयी थी. जिसे आज तक कम नहीं किया गया. दूसरी तरफ एमआरपी से दस रुपए अधिक लिये जा रहे हैं. इस पर ध्यान देना चाहिए. इसे भी पढ़ें- पीएम">https://lagatar.in/pm-modis-visit-to-bihar-centenary-pillar-of-the-assembly-will-be-unveiled-will-give-many-gifts/">पीएम
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