Ramgarh : रामगढ़ के सांडी मैदान में आदिवासी हो समाज की ओर से पर्व मागे पोरोब (पर्व) पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ धूमधाम मनाया गया. झारखंड के विभिन्न जिलों से आए हो समाज के लोगों ने समारोह में भाग लिया और दमा-दुमंग की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन किया.
कार्यक्रम का शुभारंभ गांव के दिऊरी (पुजारी) ने पूजा-अर्चना के साथ की. इस अवसर पर समाज के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आदिवासी गौरव व सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस शरीक हुए. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति व प्रकृति से जुड़ा जीवन जनमानस के लिए प्रेरणादायक है.
आयोजन समिति के संयोजक राजेंद्र चाकी ने कहा कि रामगढ़ क्षेत्र में हो समाज की बड़ी आबादी है, इसलिए यहां अपनी भाषा और संस्कृति को सहेजने की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से हर वर्ष इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. मौके पर शिवशंकर मिश्रा, सावित्री देवी, संगठन की अध्यक्ष प्रीति जामुदा, उपाध्यक्ष राजेंद्र चाकी, सचिव चांदनी हेंब्रम, कोषाध्यक्ष महेंद्र बोदरा, अमर बोदरा, अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे. पूरा माहौल उत्सव और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा.
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