Ramgarh : रामगढ़ जिले के सोंढ़ गांव निवासी कमलेश महतो (50) कमाने के लिए ओडिशा गए थे. वहां ड्यूटी के दौरान हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गयी. तीन दिन बाद शव गांव लाया गया. शव देख पूरे गांव में मातम छा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी.
जानकारी के अनुसार, कमलेश महतो पिछले कई वर्षों से ओडिशा की एक फैक्ट्री में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत थे. 27 मई को ड्यूटी के दौरान ट्रक में बैठे-बैठे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. साथ काम करने वाले लोग उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि हृदयगति रुकने से उनकी जान चली गयी.
घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. गांव में भी शोक का माहौल बन गया. कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने में समय लगने के कारण शव को गांव लाने में तीन दिन लग गए. जैसे ही पार्थिव शरीर सोंढ़ पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुट गयी. भैरवी नदी के वामनधारा तट स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. बड़े पुत्र ने मुखाग्नि दी.
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