Ramgarh: रामगढ़ जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चलाए गए 100 दिवसीय विशेष अभियान के सफल समापन के उपरांत मंगलवार को टाउन हॉल में "निक्षय मित्र सम्मान सह पोषण पोटली वितरण समारोह" का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता को प्रोत्साहित करना, निक्षय मित्रों को सम्मानित करना तथा टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराना था.

कार्यक्रम में बड़कागांव से विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, उपायुक्त ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, डीएलओ डॉ. तूलिका रानी, डीआरसीएचओ डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि हजारीबाग राजीव जायसवाल, विधायक प्रतिनिधि रामगढ़ कमलेश कुमार महतो सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, निक्षय मित्र एवं बड़ी संख्या में टीबी मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे.
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रामगढ़ जिले में कुल 173 निक्षय मित्रों द्वारा लगभग 11 लाख 6 हज़ार रुपये की सहायता राशि एकत्रित की गई है. इस राशि से टीबी मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनके उपचार के साथ-साथ पोषण संबंधी आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सके. इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े निक्षय मित्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा टीबी मरीजों के बीच पोषण पोटलियों का वितरण भी किया गया.
विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि टीबी केवल स्वास्थ्य विभाग की चुनौती नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए रामगढ़ जिला पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि 100 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान जिले में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच, उपचार एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल मरीजों का उपचार करना नहीं, बल्कि टीबी के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी है. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार या अन्य टीबी संबंधी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं तथा समय पर उपचार शुरू करें.
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