Ramgarh : केंद्र सरकार के चार नये श्रम कानूनों के विरोध में गुरुवार को आहूत देशव्यापी हड़ताल का सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र व रामगढ़ जिला स्थित एनटीपीसी में व्यापक असर देखने को मिला. संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न श्रमिक संगठनों सीसीएल रजरप्पा के जीएम कार्यालय, वाशरी, खदान क्षेत्र, सिल्वर जुबली अस्पताल व वेश वर्कशॉप समेत अन्य इकाइयों में कामकाज ठप करा दिया. यूनियन नेताओं व मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
सूत्रों के अनुसार हड़ताल के चलते करीब 70 से 80 प्रतिशत कामगार ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जिससे उत्पादन व दफ्तरों का कामकाज प्रभावित रहा. कुछ आवश्यक सेवाओं को चालू रखने के लिए प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की थी. संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हड़ताल पूरी तरह सफल रहने का दावा किया. उनका कहना था कि नये श्रम कानून मजदूर हितों के खिलाफ हैं और इससे कर्मचारियों के अधिकार कमजोर होंगे.
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार कानून वापस नहीं लेती है, तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज किया जायेगा. प्रेसवार्ता में राजेंद्रनाथ चौधरी, किशोरी प्रसाद, चंदेश्वर सिंह, रवींद्र प्रसाद वर्मा, हाजी अख्तर आजाद, आरपी सिंह, सुरेश तुरी, प्रदीप पटवा, शिव प्रसाद बेदिया, सुखसागर सिंह, कौशल सिंह, महेंद्र मिस्त्री, करमा मांझी, बिजय पोद्दार, लुकेश्वर चौधरी, शंकर चौरसिया, किशुन लाल साव, संतोष पाल और संतोष रजक समेत कई सदस्य मौजूद रहे.
वहीं, एटक से संबद्ध एनटीपीसी मजदूर यूनियन की पीवीयूएनएल शाखा ने पतरातु स्थित एनटीपीसी लेबर गेट पर विरोध प्रदर्शन किया. हड़ताल के चलते प्लांट में कामकाज प्रभावित हुआ. यूनियन के सचिव सह भाकपा को अंचल सचिव मनोज कुमार महतो ने केंद्र सरकार से चार लेबर कोड को अभिलंब रद्द करने की मांग की. प्रदर्शन में मनोज पाहन, रमेश महतो, किशोर महतो, नरेश बेदिया,संदीप ठाकुर,सुरेंद्र महतो,जगदेव महतो, विजय महतो, प्रदीप सिंह, कमलेश महतो, ओम प्रकाश साहू,मनीष बेदिया,आनंद साहू,रूपेश साहू सहित बड़ी संख्या में कामगार शामिल रहे.
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