उपचुनाव : रामगढ़ में थमा प्रचार का शोर, 27 को वोटिंग
सुदेश, चंद्रप्रकाश, बाबूलाल, अर्जुन मुंडा, रघुवर ने ताकत झोंकी
एनडीए की बात करें तो आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने तो लगातार प्रचार किया ही, भाजपा के तीनों पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास के अलावा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश और आदित्य साहू समेत तमाम पदाधिकारियों ने चुनाव प्रचार किया. आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने जेएमएम-कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए चुनावी सभाओं में कहा कि सीएम कहते हैं कि राज्य सरकार लाखों को राशन दे रही है, लेकिन जनता ये पूछ रही है कि चार महीने से गरीबों को राशन क्यों नहीं मिला. जनता भाषण नहीं बल्कि राशन चाहती है.हेमंत ने चुनावी सभाओं से लेकर रोड शो तक किया
यूपीए की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनावी सभाओं से लेकर रोड शो तक किया. पूरे चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार दिन रामगढ़ का दौरा किया और बीजेपी और केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साधते नजर आए, उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार गिराने की बात करती है. बीजेपी नेताओं को दिन-रात कुर्सी दिखाई देती है. इसी षड़यंत्र में वे लगे रहते हैं. ममता चौधरी की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि इन्हाेंने एक मासूम बच्चे को उसकी मां की ममता से वंचित कर दिया. प्रत्याशी बजरंग महतो ने अपने बच्चे के साथ चुनाव प्रचार किया और लोगों की सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया. इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, पूर्व सासंद और मंत्री सुबोधकांत सहाय, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, विधायक जयमंगल सिंह समेत तमाम नेताओं का दौरा और प्रचार चलता रहा. हालांकि आखिरी दिनों में रायपुर में होने वाले कांग्रेस के महाधिवेशन को लेकर कांग्रेस के नेता अपने प्रत्याशी को छोड़ कर रायपुर चले गए.मुख्य मुकाबला यूपीए के बजरंग और एनडीए की सुनीता के बीच
इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला यूपीए के प्रत्याशी बजरंग महतो और एनडीए की सुनीता चौधरी के बीच है . कांग्रेस से बजरंग महतो पूर्व विधायक ममता देवी के पति हैं, जबकि आजसू पार्टी से सुनीता चौधरी गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी की पत्नी हैं. चंद्रप्रकाश चौधरी रामगढ़ से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं. सांसद बन जाने के बाद उन्होंने साल 2019 में अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली. इन दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के अलावा झारखंड पार्टी के संतोष कुमार महतो और नवोदय जनतांत्रिक पार्टी के सुमन कुमार मैदान में हैं. निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अजीत कुमार, इमाम सफी, कामदेव महतो, तुलेश्वर कुमार पासवान, धनंजय कुमार पासवान, धनंजय पुटूस, पांडव महतो, प्रदीप कुमार, मनोज बेदिया, महिपाल महतो, रंजीत महतो, रामावतार महतो, सहदेव कुमार और सुलेंद्र महतो भी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें कुछ प्रत्याशी अभ्यर्थी हैं, जो प्रतीकात्मक रूप से नियोजन नीति को लेकर सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. कुल 20 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था, जिनमें से दो लोगों का नामांकन रद्द हो गया.हेमंत के शासन काल में पांचवां उपचुनाव
रामगढ़ उपचुनाव राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार गठन के बाद ये पांचवां उपचुनाव है. इससे पहले दुमका, बेरमो, मधुपुर और मांडर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो चुके हैं. मधुपुर और दुमका उपचुनाव में जेएमएम प्रत्याशियों को जीत मिली थी, जबकि बेरमो और मांडर सीट कांग्रेस के खाते में गई थी. बीजेपी को अभी तक एक भी उपचुनाव में जीत का स्वाद चखने को नहीं मिला है.इस बार नजारा अलग
लेकिन इस बार के उपचुनाव में खास बात यह है कि पिछली बार हुए चुनाव में भाजपा, आजसू और जेवीएम अलग- अलग लड़ी थी, लेकिन इस बार नजारा अलग है. जेवीएम का भाजपा में विलय हो गया है और बीजेपी ने आजसू के प्रत्याशी को समर्थन दिया है. इसलिए इस बार यूपीए प्रत्याशी बजरंग महतो के लिए राह आसान नहीं है.इसलिए खत्म हुई ममता की सदस्यता
रामगढ़ से कांग्रेस की पूर्व विधायक ममता देवी को गोला गोलीकांड में हजारीबाग की अदालत ने 5 साल की सजा सुनाई, जिसके कारण ममता देवी की विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई.रामगढ़ में कुल 3,35,734 मतदाता
रामगढ़ में कुल मतदाताओं की संख्या 3,35,734 है जिनमें से 1,73,550 पुरुष एवं 1,62,184 महिला मतदाता हैं. उपचुनावों में यहां कुल 405 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा. 27 फरवरी को रामगढ़ में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा हो चुकी है और लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की गयी है. इसे भी पढ़ें – रामगढ़">https://lagatar.in/nda-will-register-biggest-victory-in-ramgarh-sudesh-mahato/">रामगढ़में सबसे बड़ी जीत दर्ज करेगा एनडीए : सुदेश महतो [wpse_comments_template]

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