Ramgarh : रामगढ़ जिले के चितरपुर व आसपास के क्षेत्रों में पिछले पांच दिनों से जलापूर्ति ठप है. इससे करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित है. रजरप्पा मोड़ स्थित जलमीनार में लगे मोटर पंप में तकनीकी खराबी के कारण पूरे क्षेत्र में जलापूर्ति बंद है. इससे चितरपुर, रजरप्पा मोड़, मायल, तेबरदाग, सोंढ़, सांडी, नवा बगीचा, मारंगमरचा सहित आधा दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं.
ग्रामीणों के अनुसार पीने और दैनिक उपयोग के लिए पानी की भारी किल्लत होने से महिलाएं घर के कामकाज छोड़कर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी इस संकट का सामना करना पड़ रहा है. कई जगहों पर चापाकलों से भी पर्याप्त पानी नहीं निकल पा रहा है. चापाकलों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं. घंटों इंतजार के बाद मुश्किल से एक-दो बाल्टी पानी ही मिल पाता है. ग्रामीण रवि कुमार, संध्या देवी, विकास प्रजापति, रोहित कुमार, धीरज कुमार, आशा देवी, राज कुमार, पिंकी देवी, बिंदु देवी और ममता देवी ने कहा कि विभाग की उदासीनता का खामियाजा जनता भुगत रही है.
कर्मियों को सात महीने से नही मिला मानदेय
चितरपुर, रजरप्पा मोड़ व भैरवी नदी स्थित इंटेकवेल में कार्यरत लगभग छह कर्मियों को पिछले छह-सात महीने से मानदेय नहीं मिला है. आर्थिक तंगी के कारण वे मरम्मत और रख-रखाव के कार्य में रुचि नहीं ले पा रहे हैं, जिसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है. विभाग के कनीय अभियंता बख्तियार अफजल ने बताया कि समस्या का समाधान कर लिया गया है. मोटर पंप में हल्की खराबी थी, लेकिन मुख्य बाधा कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान न होना था.
उन्होंने बताया कि पांच जनवरी को पंचायत में मुखिया और जल सहिया के साथ बैठक हुई थी, जिसमें बहु ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से जलापूर्ति कार्य संचालित करने और संपोषित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही जनवरी 2026 से जलकर 62 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किया जाएगा. क्षेत्र के लोग प्रत्येक माह की पांच तारीख को अपने पंचायत भवन में जल सहिया के पास जलकर जमा करने को कहा गया है.
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