Ranchi : तमाड़ के दिवडी में पद्मश्री डा. रामदयाल मुंडा के आवासीय प्रांगण में 84वीं जयंती मनायी गयी. इस अवसर पर उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद किया गया तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया. आजसू के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष लालित कुमार महतो ने डा. रामदयाल मुंडा को याद करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन में मुंडा जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही. सन 1986-87 से साथ रहने वाले लालित कुमार महतो कहा कि कई बार एक साथ झारखंड अलग राज्य के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्रियों से मिले. बिहार, प० बंगाल, उड़ीसा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों से मिले और झारखंड राज्य बनने तक एक साथ रहे. ललित महतो एवं यदुगोपाल मुंडा के नेतृत्व में सन 2012 से डा. रामदयाल मुंडा अकडमी के बैनर तले डा. मुंड़ा जी की जयंती मनायी जा रही है. डा. रामदयाल मुंडा जी के पुत्र गुंजल सिंह मुंडा जी के प्रति हम सबकी आस्था और विश्वास है. इसे भी पढ़ें-पद्मश्री">https://lagatar.in/padmashree-dr-ramdayal-munda-established-tribal-philosophy-ranendra/">पद्मश्री
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रांची : पद्मश्री डा. रामदयाल मुंडा की 84वीं जयंती, लोगों ने उनके कार्यों को किया याद

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