Ranchi : रांची विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य रोहित कुमार दुबे ने मंगलवार को राज्यपाल ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय में व्याप्त प्रशासनिक अव्यवस्था, शैक्षणिक समस्याओं और JPSC 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
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ज्ञापन में रोहित दुबे ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने पीजी कक्षाओं को संबद्ध कॉलेजों से हटाकर विश्वविद्यालय परिसर में संचालित करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की. उनका कहना है कि इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
सीनेट सदस्य ने यह भी कहा कि पिछले 4 वर्षों से विश्वविद्यालय की सीनेट की बैठक आयोजित नहीं की गई है, जो विश्वविद्यालय अधिनियम का उल्लंघन है. उन्होंने अधिनियम के अनुरूप वर्ष में दो बार नियमित सीनेट बैठक कराने की मांग की.
पीएचडी प्रवेश परीक्षा-2026 को लेकर उन्होंने 4 वर्षों से लंबित अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग की. साथ ही शोध कार्यों में गुणवत्ता और मौलिकता सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय में टर्निटिन (Turnitin) जैसे प्लेजरिज्म जांच सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया.
रोहित दुबे ने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए 'एक व्यक्ति, एक पद' नीति को सख्ती से लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे योग्य शिक्षकों को समान अवसर मिलेंगे.
ज्ञापन में जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का भी उल्लेख किया गया है. उन्होंने परीक्षा परिणाम की पारदर्शिता और मेरिट सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए परिणाम रद्द करने और पूरी चयन प्रक्रिया की सीबीआई (CBI) या किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की.
रोहित कुमार दुबे ने कहा कि वे इन सभी मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे, ताकि राज्य के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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