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Ranchi : शव रोकने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई, अल्ट्रासाउंड सेंटरों को कानून के पालन का निर्देश

Ranchi : डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के निजी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड सेंटरों और इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में अस्पतालों में फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल ऑडिट, मरीजों के अधिकार, आयुष्मान योजना भुगतान और संक्रामक बीमारियों की निगरानी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. डीसी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि अस्पतालों में लगे इलेक्ट्रिकल वायरिंग, मेडिकल इक्यूपमेंट्स, आईसीयू में संचालित एसी और जेनरेटर का नियमित रूप से विशेषज्ञों द्वारा ऑडिट कराया जाए.

 


बिल नहीं चुकाने पर शव रोकना कानून का उल्लंघन

पैसे के अभाव में बिल नहीं चुका पाने वाले मरीज के शव को परिजनों को नहीं सौंपने  वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी. यह राज्य सरकार के आदेश और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन है. डीसी ने जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत लिंग निर्धारण संबंधी कानून का पालन करने का निर्देश दिया.

 

किसी भी सेंटर की संलिप्तता अवैध लिंग जांच में पाई गई तो संबंधित संस्थान और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सभी सेंटरों को अपने निबंधन की वैधता समाप्त होने से पहले नवीकरण के लिए आवेदन करने का निर्देश भी दिया गया.

 


आयुष्मान योजना में गाइडलाइन पालन जरूरी

बैठक में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत अस्पतालों को होने वाले भुगतान की समीक्षा भी की गई. डीसी ने अस्पतालों को स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन के अनुसार प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिए और कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों का एफिलिएशन रद्द किया जा सकता है.

 

डेंगू, मलेरिया और टीबी मरीजों की सूचना समय पर देने का निर्देश

डीसी ने सभी अस्पतालों को डेंगू, मलेरिया, टीबी और अन्य संक्रामक बीमारियों से जुड़े मरीजों की जानकारी समय पर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते रोकथाम के उपाय किए जा सकें.


बायो मेडिकल वेस्ट और स्टाफ प्रमाणपत्र जांचने पर जोर

बैठक में अस्पतालों को बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल के नियमों का पालन करने, डॉक्टरों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रमाणपत्रों की नियमित जांच कराने और मरीजों व उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं शालीन व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए.

 

बैठक में सिविल सर्जन प्रभात कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी-सह-हेल्थ नोडल पदाधिकारी राजेश साहू, आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक समेत कई निजी अस्पतालों और इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे.

 

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