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रांची : एचईसी में तेज होगा आंदोलन, आठवें दिन भी कामगाज रहा ठप

Ranchi : हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचईसी) में आठवें दिन भी तालाबंदी रही. एचईसी हेडक्वाटर और एचएमबीपी मुख्य गेट के समक्ष कर्मियों ने प्रदर्शन किया. एचईसी बचाओ मजदूर जन संघर्ष समिति के बैनर तले सभा का आयोजन हुआ. सभा को विधायक राजेश कच्छप, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने भी संबोधित किया. उन्होंने मजदूरों को आश्वासन दिया कि आंदोलन में वे मजदूरों के साथ हैं. आवश्यकता पड़ी, तो एचईसी को बचाने के लिए दिल्ली में भी प्रदर्शन किया जाएगा. प्रदर्शन व सभा के बाद अफसरों व कर्मचारियों ने एचएमबीपी गेट के समक्ष सामूहिक भोजन ग्रहण किया. समिति की ओर से दाल, भात और सब्जी की व्यव्स्था की गई थी. समिति के मनोज पांडेय ने बताया कि जबतक आंदोलन चलेगा, दोपहर का भोजन एचएमबीपी गेट के समीप रोजाना उपलब्ध कराया जाएगा. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/01/hec5.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> एचईसी बचाओ मजदूर जन संघर्ष समिति का कहना है कि जबतक बकाया वेतन का भुगतान नहीं होता, अस्थाई कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक्ट नहीं हो जाता, तबतक आंदोलन जारी रहेगा. आज के कार्यक्रम में समिति में शामिल एचईसी श्रमिक कर्मचारी यूनियन के प्रकाश कुमार, मनीष कुमार, राजेश कुमार, संजय सिन्हा और शुभाष चौधरी, हटिया मजदूर यूनियन महेंद्र कुमार, दीपक कुमार, भवन सिंह, हरेंद्र यादव, हटिया कामगार यूनियन के एम.पी. रामचंद्र, आर.के. शाही, अर्जुन, राम सुंदर स्वामी, अमरेंद्र कुमार, सप्लाई संघर्ष समिति के दिलीप सिंह, मनोज पाठक, वाई. त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, हटिया मजदूर लोक मंच के राम कुमार नायक, कमल महली, चिराग बारला, सुनील तिर्की और हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के गिरिश चौहान आदि शामिल थे. इसे भी पढ़ें - 50">https://lagatar.in/hemant-cabinet-meeting-ends-25-proposals-approved-lagatar-news/">50

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बिना वार्ता किसी भी हड़ताल का हल नहीं : राणा

हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री सह इन्टक के राष्ट्रीय वरीय सचिव राणा संग्राम सिंह ने कहा कि बिना वार्ता किसी भी हड़ताल का कोई हल नहीं निकलता है. निस्संदेह एच.ई.सी. अपने कार्यकाल के सबसे भयानक दौर से गुज़र रहा है. कर्मचारियों को डेढ़ वर्ष से भी ज्यादा दिनों से वेतन नहीं मिला है. भुखमरी से पीड़ित कामगार आन्दोलन कर रहे हैं. प्रबंधन श्रमसंघों से समस्या का हल निकालने के लिए वार्ता प्रारंभ करें या श्रमविभाग हस्तक्षेप कर वार्ता प्रारंभ करावे या भारी उद्योग मंत्रालय भारत सरकार अपने स्तर पर हस्तक्षेप कर वार्ता प्रारंभ करें. श्री राणा ने कहा कि एच.ई.सी.भारत सरकार का सार्वजनिक उपक्रम है और बिना भारत सरकार के सहयोग से आज की तिथि में एच.ई.सी.को चलाना मुश्किल है. श्रमसंघों को भारत सरकार पर, भाजपा सांसदों के माध्यम से दबाव बढ़ाना चाहिए कि एच.ई.सी.का पुनरुद्धार करें और वेतन भुगतान की अविलंब व्यवस्था करें. उन्होंने ने कहा कि इस संकट की घड़ी में हम बीमार हो कर एच.ई.सी. से दूर हैं. लेकिन मन एच.ई.सी. पर ही लगा हुआ है. हमारी सभी श्रमसंघों से सादर अपील है कि "जिस तरह कामगारों का वेतन आवश्यक है उसी तरह कम्पनी का चलना भी आवश्यक है, क्योंकि कंपनी चलेगी तभी कर्मचारियों का वेतन लगातार मिलता रहेगा. इसलिए प्रबंधन से बात कर बीच का रास्ता निकाल कर कारखाने का धड़कन प्रारंभ करें. इसे भी पढ़ें - पूर्व">https://lagatar.in/pil-filed-against-former-cms-osd-rakesh-chaudhary-engineer-virendra-ram-and-rash-bihari-singh-rejected/">पूर्व

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