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रांची : विभागीय स्तर पर उर्दू शिक्षकों का पद समाप्त करने का चौतरफा विरोध शुरू

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Rehan Ahmed Ranchi : राज्य के प्राथमिक विद्यालयों से उर्दू शिक्षकों का पद समाप्त किये जाने का चौतरफा विरोध हो रहा है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा पिछले दिनों शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर जारी पत्र में इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक शिक्षक अथवा इंटरमीडिएट उर्दू प्रशिक्षित शिक्षक के शत प्रतिशत पद व स्नातक प्रशिक्षित सहायक शिक्षक सवंर्ग के 50 फीसदी सीधी नियुक्ति से भरे जाने वाले पद को मरणशील संवर्ग समाप्त बताया गया है. इसे भी पढ़ें -गणतंत्र">https://lagatar.in/yoga-teacher-ghanshyam-yogi-will-participate-in-the-republic-day-celebrations-along-with-two-news-from-latehar/">गणतंत्र

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नियमावली 2024 का ड्राफ्ट जला कर हुआ विरोध शुरू : शमीम

अल्पसंख्यक मामलों के जानकार शमीम अली ने कहा कि झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा उर्दू शिक्षक व सहायक शिक्षक के पदों को समाप्त करने के लिये बनाये गये झारखंड राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली 2024 का ड्राफ्ट जला कर जिले में विरोध शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार खाली पड़े 3721 उर्दू शिक्षक के पदों को कक्षा 1 से 5 व कक्षा 6 व 8 में बांटकर नियुक्ति नियमावली 2012 के अनुसार, बहाली करने के बजाए पदों को सरेंडर करने में लगी है.

नियमावली वापस हो, होगा उग्र आंदोलन : अमीन

झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ के केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद ने कहा कि एकीकृत बिहार के समय उर्दू शिक्षकों के पद सृजित हुए थे. राज्य गठन के बाद झारखंड में शिक्षकों के 4401 पद थे. इनमें से केवल 689 पद पर ही शिक्षकों की नियुक्ति हुई. शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के बदले पद ही समाप्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार द्वारा इन पदों को योजना मद से गैर योजना मद में स्थानांतरित किया गया है. इसके बाद पद को समाप्त किया गया है. इसे वापस नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन करने की तैयारी है.

उर्दू शिक्षक एवं सहायक शिक्षक पद की समाप्ति दुर्भाग्यपूर्ण: शहाबुद्दीन

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग झारखंड प्रदेश कमिटी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रदेश प्रवक्ता मो. शहाबुद्दीन ने कहा कि झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से उर्दू शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के पद को समाप्त कर देना दुर्भाग्यपूर्ण है और उर्दू के साथ सौतेला व्यवहार है. हमारी पार्टी सरकार की इस नीति का कठोर शब्दों में निंदा करती है, उन्होंने कहा कि सरकार की इस नीति से जहां उर्दू शिक्षकों की आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, वहीं आने वाले आगामी चुनाव में हेमंत सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, सरकार को चाहिए कि इस नीति को शीघ्र बंद करें और राजकीय कृत प्राथमिक विद्यालयों से उर्दू शिक्षक के पद को समाप्त करने की घोषणा को वापस ले, अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो हमारी पार्टी राज्य स्तर पर सरकार के विरुद्ध आंदोलन तेज करेगी.

उर्दू के प्रति सौतेला रवैया चिंता का विषय है : मौलाना तहजीबुल हसन

शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के चेयरमैन मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि सरकार का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. झारखंड बंटवारे में जो हक अधिकार उर्दू को मिलने चाहिये थे, वह किसी सरकार ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया. वहीं मौजूदा सरकार का उर्दू के प्रति सौतेला रवैया चिंता का विषय है. हम सरकार के इस फैसले का विरोध करते हैं. निवेदन करते हैं कि सरकार संज्ञान में लेकर उर्दू शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ करें.

इस फैसले का विरोध करते हैं : मोख्तार अहमद

अंजुमन इस्लामिया रांची के अध्यक्ष हाजी मोख्तार अहमद ने कहा कि उर्दू के मामले में सरकार की यह नीति गलत है. इसका विरोध करते है. साथ ही अपील करते हैं कि जारी नियमावली को वापस कर उर्दू शिक्षकों के पद नियुक्ति को पूरी सही अधिकार मिले. ताकि उर्दू को उसका सही अधिकार मिल सके.

सीएम मामले में हस्तक्षेप कर उर्दू शिक्षकों की बहाली वापस लाएं : एमजेड खान

अंजुमन तरक्की उर्दू, झारखंड के केंद्रीय प्रतिनिधि एमजेड खान ने कहा कि उर्दू शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति किए जाने के बजाय पदों को ही समाप्त करने की साजिश है. राज्य के उर्दू भाषी लोगों के साथ यह अन्याय है. अभी भी वर्षों से 3500 से अधिक सरकारी विभागों में उर्दू के पद रिक्त हैं, जिन्हें भरा जाना शेष है. उर्दू के साथ ये अन्याय असहनीय है. उर्दू भी संविधान से मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं में एक है, इसे भी वो सुविधाएं मिलनी चाहिए, जो अन्य 22 भाषाओं को मिल रही हैं. हम अंजुमन तरक्की उर्दू झारखंड की ओर से इस कृत की निंदा करते हैं, मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री इस मामले में अपने स्तर से हस्तक्षेप कर उर्दू शिक्षकों की बहाली में आए व्यवधान को खत्म करने का आदेश दे.

सरकार को इस समस्या को दूर करनी चाहिए : मौलाना हम्माद

मदरसा अंजुमन इस्लामिया के शिक्षक मौलाना हम्माद कासमी ने कहा कि उर्दू दूसरी सरकारी भाषा है. उसके बावजूद उर्दू भाषा के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार चिंता का विषय है. इसलिए सरकार को इसे वापस कर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की समस्या दूर करनी चाहिये.

उर्दू को ले शिक्षा सचिव से मिलेंगे : मौलाना कुतुबुद्दीन

एदार ए शरिया के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि उर्दू शिक्षकों के पद समाप्ती का मामला गंभीर है. इस मु्ददे पर शिक्षा सचिव से मिलेगा कि उर्दू के साथ आखिर क्या हो रहा है.

उर्दू के अधिकार के लिये घेरेंगे सीएम आवास : हुसैन खान

अल्पसंख्यक महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष हुसैन खान ने कहा कि सरकार का यह निर्णय उर्दू के प्रति गलत है, हम इसका खंडन करते हैं, अल्पसंख्यक वर्ग के साथ यह अन्याय किया गया है. इसके विरोध में सीएम आवास घेरने की तैयारी की जायेगी.

सरकार उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की परेशानी करें दूर : आबिद अली

झारखंड प्रदेश मोमिन कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष आबिद अली ने कहा कि इस फैसले का हम विरोध करते हैं. सरकार इस मामले को संज्ञान में लेकर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की परेशानी दूर करें.

उर्दू के अधिकार के लिये सारे तंजीमों को साथ होने की जरूरत : मौलाना शुजाउल

अंजुमन इस्लामिया के शिक्षक मौलाना शुजाउल हक ने कहा कि यह सरासर उर्दू भाषा के साथ जुल्म है. सौतेला व्यवहार है. इसलिए सारी तंजीमों को साथ जुटकर इसके लिये खड़े होने की जरूरत है.

सरकार को उर्दू के प्रति आये फैसले को बदलने की जरूरत : नदीम इकबाल

समाजसेवी नदीम इकबाल ने कहा कि उर्दू के प्रति आया फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार को इसके इसके प्रति संज्ञान लेकर आये फैसले को बदलने की जरूरत है.

फैसले को गौर कर बदलने की जरूरत : मौलाना माजिद

हरमू हामीम मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना अब्दुल माजिद ने कहा कि उर्दू भाषा के प्रति आये फैसले का हम विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को इसपर गौर करते हुए इसे वापस लेने की जरूरत है. ताकि सभी में आपसी मोहब्बत कायम रहे.

नियमावली बदलने की है जरूरत : अफजल

यूनाइटेड मिल्ली फोरम झारखंड के जनरल सेक्रेटरी अफजल अनीस ने कहा कि राज्य में उर्दू भाषा के साथ इंसाफ नहीं किया गया है. साक्षारता विभाग की ओर से जारी नियमावली में 1 से 8 तक के उर्दू शिक्षकों की बहाली मर्ज कर दी गई है. यानी अब आगे प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की बहाली नहीं होगी. सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर नियमावली बदलने की जरूरत है.

उर्दू भाषा के साथ सौतेला व्यवहार : इमाम सफी

समाजसेवी इमाम सफी ने कहा कि झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षारता विभाग द्वारा जारी प्रोन्नति नियमावली 2024 के प्रारूप में उर्दू शिक्षक के पद को मरणशील कर दिया जायेगा. इसके बाद रिक्त बचे 3712 पदों को सरेंडर कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार का यह उर्दू विरोधी फैसला है. इसे अविलंब वापस लेना चाहिये, नहीं तो आंदोलन की तैयारी है. इसे भी पढ़ें -जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-pappu-sardar-will-distribute-lord-shri-rams-batch-for-free-from-tuesday/">जमशेदपुर

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