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रांचीः गौशाला न्यास समिति के अजब-गजब कारनामे

ट्रस्टी चाचा ने भतीजे को बनवा दिया आजीवन सदस्य

Rajan Bobby Ranchi: गौशाला न्यास समिति की कारगुजारियों के क्या कहने. परदेस में रहने वाले व्यक्ति को आजीवन सदस्य बना दिया गया, जबकि यहां के लोगों को सदस्य बना कर भी मान्यता नहीं दी रही है. इसको लेकर समिति के 110 सदस्य काफी खफा हैं. पीड़ित बेनी प्रसाद अग्रवाल आदि तो अदालत तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं. कई सदस्य सोशल मीडिया ग्रुप में लानत-मलामत करने से भी चूक रहे हैं. एक बुजुर्ग सदस्य ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ट्रस्टी किशोरी लाल चौधरी ने विशाखपत्तनम में रहने वाले अपने भतीजे को गौशाला की आजीवन सदस्यता दिलवाई है. उनके भाई किशन लाल चौधरी भी गौशाला न्यास में ट्रस्टी हैं. किशन भी अपने पुत्र के साथ ही दूसरे प्रदेश में ही रहते हैं. दोनों-पिता पुत्र खास मौके पर ही रांची आते हैं, ऐसे में इन दोनों को गौशाला न्यास समिति से जोड़े रखना कहां तक उचित है. एक सदस्य ने बताया कि 135 मेंबर की मान्यता को गलत ठहराते हुए माननीयों ने कई बहाने बनाये. इतना तक कह दिया कि एक ही परिवार के पांच-पांच लोगों को सदस्यता नहीं दी जा सकती है, जबकि एक ही परिवार के कई लोगों को पूर्व में ही सदस्य और ट्रस्टी बनाया गया है. उन्होंने बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद जारी वोटर लिस्ट में 135 सदस्यों का नाम शामिल नहीं होने से विरोध शुरू हो गया. ममला गरमाता देख कर ट्रस्टी और दाधिकारियों ने जल्दबाजी में 50 लोगों को सदस्य बनाया, जिसमें 25 विरोध करने वालों को भी शामिल किया गया, तांकि मामला रफा-दफा हो जाए. उन्होंने बताया कि अन्य 25 नये सदस्यों के नामों की अनुशंसा ट्रस्टियों ने की थी. इनमें ज्यादातर ट्रस्टी और पदाधिकारियों के नाते-रिश्तेदार और पहचान वाले हैं. उन्होंने बताया कि ट्रस्टी किशोरी लाल चौधरी ने भी बहती गंगा में हाथ धो लिया. दूसरे प्रदेश में रह रहे अपने भतीजे सुनील चौधरी को नये बनाये गये सदस्यों में शामिल करवा कर गौशाला न्यास समिति की आजीवन सदस्यता दिलवा दी. इस फैसले के लिए माननीयों को धिक्कार रहा है.

जीर्णोद्धार के लिए दिए हैं 25 लाख : सुनील चौधरी

सुनील चौधरी का कहना है कि सेवा के लिए सशरीर उपस्थित रहना जरूरी नहीं है. गो सेवा कहीं भी रह कर की जा सकती है. हमने 25 लाख रुपए गौशाला के जीर्णोद्धार के लिए दिए हैं. उन्होंने बताया कि रांची से हमारा कई तरह से जुड़ाव है. 15 दिनों में वहां का चक्कर लगाता रहता हूं. हमारे पिता और चाचा जी गौशाला न्यास समिति के ट्रस्टी हैं. इस बार हम भी सदस्य बनाये गये हैं.

बायलॉज में मनाही नहीं है : राजकुमार टिबडेवाल

ट्रस्टी राजकुमार टिबडेवाल बताते हैं कि दूसरे प्रदेश में रहने वाले व्यक्ति या नातेदार-रिश्तेदार सदस्य नहीं बनाये जा सकते, ऐसा गौशाला के बायलॉज मनाही नहीं है. उनसे यह पूछने पर कि ट्रस्टी किशन लाल चौधरी के पुत्र सुनील चौधरी को हाल में आजीवन सदस्य बनाया गया है, उन्होंने कहा इतना याद नहीं हैं. इस बारे में सचिव से जानकारी ले सकते हैं, कह कर फोन काट दिया.

बेहतर काम हो रहा है : श्यामसुंदर बजाज

श्यामसुंदर बजाज ने बताया कि गौशाला के उत्थान और विकास के लिए बेहतर काम हो रहा है. भूल-चुक और गलती-सही होती रहती है. यदि कुछ गलत हुआ है, तो इसे ठीक भी किया जाएगा. इसको लेकर विचार-विमर्श चल रहा है. उन्होंने बताया कि कौन सही है और कौन गलत, यह तो मैं नहीं कह सकता, पर इतना जरूर कहूंगा कि जो जैसा बोएगा, वैसा ही काटेगा. यही ब्रह्म सत्य है.

मुम्बई अस्पताल में है ट्रस्टी किशन लाल चौधरी

ट्रस्टी किशन लाल चौधरी को फोन करने पर उन्होंने बताया कि वे मुम्बई के अस्पताल में हैं. इस वक्त किसी भी विषय पर बात नहीं कर सकते.

वर्चस्व कर गौशाला में कब्जा करने की साजिश है : स्नेह पोद्दार

स्नेह पोद्दार गौशाला के ट्रस्टियों से काफी खफा हैं. इनका कहना है कि वर्चस्व कर गौशाला में कब्जा करने की साजिश चल रही है. इसी कारण माननीय अपने सगे-संबंधियों और समर्थको को ही आजीवन सदस्य बना रहे हैं. 135 में से 25 सदस्य उनके करीबी हैं. उनके गलत-सही सारे फैसले में हां में हां मिलाने वाले हैं, इस कारण उन्हें सदस्य बना लिया गया. 110 तो हुकूमत मानने से रहे. किसी भी गलत फैसले के खिलाफ उठ खड़े होंगे, इसी करण सभी को येन- केन-प्रकारेण गौशाला से दूर रखने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि माननीयों के मंसूबों को कामयाब किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाएगा. [wpse_comments_template]

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