2 सुपर सकर मशीन और 60 ट्रैक्टरों का भी इस्तेमाल
आरएमसी के अधिकारी ने बताया कि मानसून को देखते हुए निगम के विभिन्न वार्डों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है. हर साल नालों में कचड़े जमा होने के कारण बाढ़ की स्थिति हो जाती है. उसे रोकने के लिए शहर के सभी सीवरों को साफ किया जा रहा है. इस बार उन इलाकों में सीवरों की सफाई पर विशेष जोर दिया गया है, जहां हल्की बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाता है. अभियान जून के मध्य तक जारी रहेगा. सफाई चार तरीकों से पूरी की जाती है. 800 मैनुअल मजदूरों, 2 सुपर सकर मशीनों और जेसीबी से लैस 60 ट्रैक्टरों को इस कार्य में लगाया गया है. जिन नालों की जेसीबी से सफाई नहीं हो पाती, वहां सुपर सकर मशीन से सफाई की जा रही है.लाल रिबन से खतरनाक नालों को घेरा जाएगा
रांची नगर निगम के उप प्रशासक रजनीश कुमार ने कहा कि नगर निगम शहर के छोटे-बड़े सभी नालों की सफाई करा रहा है, ताकि बरसात में बाढ़ की समस्या से बचा जा सके. खतरनाक नालों के बाहर मानसून के दौरान चेतावनी पट लगाये जाएंगे. लाल रिबन से भी नालों को घेरा जाएगा, ताकि किसी तरह का हादसा ना हो.सीवरों की मरम्मत भी बेहद जरूरी- अर्जुन राम
इधर, स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़कों और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने के लिए नालियों की सफाई नाकाफी है. शहर भर में नालों की स्थिति जर्जर है, जिसकी तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है. कडरू रोड निवासी अर्जुन राम ने कहा कि हर साल बारिश के मौसम में सड़कों पर जल जमाव की समस्या होती है. जब बारिश होती है, तो सीवरों से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है. नदी किनारे बसे कोकर को कई मोहल्ले में नाला क्षतिग्रस्त होने से सड़क पर पानी बहता रहता है. सफाई के अलावा सीवरों की मरम्मत भी बेहद जरूरी है. इसे भी पढ़ें – अधीनम">https://lagatar.in/adhinam-handed-over-sengol-to-modi-will-be-installed-in-the-new-parliament-house-with-the-inauguration/">अधीनमने मोदी को सौंपा सेंगोल, उद्घाटन के साथ नया संसद भवन में स्थापित होगा [wpse_comments_template]
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