Ranchi : यीशु ख्रीस्त के यरूशलम में प्रवेश की याद में रांची के सभी चर्चों में रविवार को सुबह खजूर पर्व मनाया
गया. विश्वासी
जीईएल चर्च, संत मरिया महा गिरजाघर चर्च, सीएनआई चर्च,
ट्रीनिटी चर्च कडरू, संत स्टीफन चर्च
कोकर में एकत्र
हुए. खजूर की डाली लेकर जुलूस निकाला
गया. जुलूस में
धूपवाहन जलते अंगारों के साथ सबसे आगे चलते
रहे. उसके पीछे दो मोमबत्ती सेवक, बीच में क्रूस, उनके पीछे पुरोहित और अंत में मसीही खजूर की डालियों के साथ आगे बढ़ते
गए. जुलूस में शामिल लोगों ने ख्रीस्त राजा के प्रति अपनी निष्ठा और भक्ति प्रकट
किया. पापों से
लड़ने तथा उसे दूर रहने का दृढ़ संकल्प
लिया. पुरोहितो द्वारा आशीष की प्रार्थना की
गयी. खजूर डालियों पर आशीष जल
छिड़का गया. फिर मिस्सा के माध्यम से यीशु का दुख-भोग का पाठ
पढा गया. ख्रीस्त के दुख भोग की याद दिलाई गई.
कष्टों का सामना करते हुए आगे बढ़ना होगा- फेलिक्स टोप्पो
इस अवसर पर
महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो ने अपने संदेश में कहा कि खजूर पर्व हमें यही संदेश देता है कि ईश्वर के ह्रदय में मनुष्य जाति को मुक्ति दिलाने की इच्छा अत्यंत प्रबल
है. इसी कारण यीशु ने अपने ऊपर होने वाले अत्याचार को जानते हुए भी मानव की मुक्ति के लिए यरूशलम में प्रवेश
किया. यीशु की यही शिक्षा है कि महिमा के मार्ग में दुख- कष्टों का आना अनिवार्य
है. अगर हम सुख- शांति चाहते हैं, समृद्धि चाहते हैं, तो हमें दुख और कष्टों का सामना करते हुए आगे बढ़ना
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