केवल रोजमर्रा के लिए जरूरी चीजों पर ही खर्च कर रहे लोग
पुरुलिया रोड में कई वर्षों से क्रिसमस का काफी बड़ा बाजार लगता है. कई जगहों से व्यापारी यहां साज-सजावट के सामान, चरनी, मूर्तियां, क्रिसमस ट्री, पटाखों के स्टॉल लगाते हैं. इस वर्ष भी बाजार सजकर तैयार है. व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष मार्केट काफी खराब है. कोरोना ने लोगों को आर्थिक रूप से काफी गहरा चोट दिया है. वे अब केवल रोजमर्रा के लिए जरूरी चीजों पर ही खर्च कर रहे हैं. साज-सजावट की चीजों में लोग अधिक खर्च नहीं कर रहे.चाइनिज सामान बैन होने से लगभग 20 प्रतिशत बाजार हुआ महंगा
वहीं चरनी वाले भी कोविड को देखते हुए इस बार कम सामान ही लाये हैं. पहले जहां व्यापारी एक- महीने में 100 से अधिक चरनी बनाते थे, इस वर्ष उन्होंने 70-80 चरनी ही बनाया है. इसके साथ ही महंगाई बढ़ने से भी मार्केट थोड़ा कम है. पिछले वर्ष के मुकाबले कई चीजों में लगभग 20 प्रतिशत महंगाई बढ़ी है. इसका कारण यह भी है कि इस बार थोक मार्केट में सामान कम है. क्योंकि चाइनिज सामान बैन है और पहले अधिकांश सामान चाइना से ही आते थे.जानिए किस आइटम का क्या है रेट
- बेल – 50 रुपये से लेकर 250 रुपये तक
- स्टार – 20 रुपये से लेकर 300 रुपये तक
- गिफ्ट बॉक्स – 50 – 500 रुपये
- चरनी – 200 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक
- मूर्तियां – 200 – 1000 रुपये
- क्रिसमस ट्री सजाने के लिए आइटम्स – 60 – 300 रुपये
- क्रिसमस ट्री – 50 – 10,000 रुपये
- हैंगिंग बेल – 100 – 500 रुपये
- रीत – 50 – 500 रुपये
- स्टेंसिल – 50 – 80 रुपये
- लाइट्स – 50 – 200 रुपये
- कैप – 20 – 80 रुपये
- सैंटा ड्रेस – 300 – 1000 रुपये
- क्रिसमस स्टीकर – 10 – 100 रुपये तक
- हेयर बैंड – 50 रुपये
- सैंटा गोगल्स – 80 रुपये
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