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Ranchi: सीएम चंपाई के मास्ट स्ट्रोक से सियासी फिजा में कास्ट सर्वे की गूंज

Chief reporter Ranchi: सीएम चंपाई सोरेन के मास्टर स्ट्रोक से कास्ट सर्वे सियासी फिंजा में गुंजने लगा है. कार्मिक विभाग की देख-रेख में कास्ट सर्वे होगा. इंडिया गठबंधन इस विधेयक पर भाजपा को घेरता रहा है कि भाजपा नौंवी अनुसूची में डालकर इसे कानूनन संरक्षित नहीं करना चाहती है. अब जब राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं, मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी फरवरी में एक्स पर पोस्ट किया था कि जिसकी जितनी संख्या, उतनी ही उसे हिस्सेदारी मिलेगी, झारखंड इसके लिए तैयार है. राज्य सरकार ने साल 2021 में ओबीसी आरक्षण से जुड़ा विधेयक भी पास करवाया था, जिसमें ओबीसी आरक्षण को बढ़ाने का फैसला लिया गया था.

झामुमो, कांग्रेस और राजद हैं पक्षधर

सत्ता में शामिल झामुमो, कांग्रेस और राजद जातीय जनगणना के समर्थन में हैं. गाहे-बेगाहे एनडीए में शामिल आजसू भी कास्ट सर्वे की मांग करती रही है. लेकिन विपक्षी दल भाजपा इस मसले पर ज्यादा कुछ नहीं बोल रही. पूर्व सीएम हेमंत ने कहा था कि जिस समूह की जितनी आबादी है, उसे उसी के अनुसार अधिकार मिलना चाहिए. जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर दो साल पहले ही राज्य में सभी दलों की सहमति बनी थी. इसके बाद सर्वदलीय शिष्टमंडल के सदस्यों ने सितंबर 2021 में दिल्ली जाकर इससे संबंधित मांग पत्र गृह मंत्री को सौंपा था.

ओडिशा और बिहार में हो चुका है जातीय सर्वेक्षण

झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार और ओडिशा में राज्य सरकार जातीय सर्वेक्षण करा चुकी है. झारखंड सरकार ने कैबिनेट में जातीय सर्वेक्षण कराने का फैसला लिया है. कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने फरवरी महीने में जतीय जनगणना की मांग करते हुए आरक्षण की सीमा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की मांग की थी. इस मांग के बाद ही कार्मिक विभाग से जातीय सर्वेक्षण कराने का फैसला लिया था. इसे भी पढ़ें -गुजरात">https://lagatar.in/gujarat-woman-commits-suicide-in-ranchi-police-engaged-in-investigation/">गुजरात

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