कमिश्नर कार्यालय को किया सक्रिय
उन्होंने कमिश्नर कार्यालय को सक्रिय किया. अपने कार्य़ाकाल के दौरान आदिवासी रैयतो में एक अलग और अमिट पहचान की लकीर खींची. इसके अलावा नितिन मदन कुलकर्णी ने स्वार्थवश अधिकारियों के द्वारा किए गए कार्यों की रिपोर्ट भी सरकार को दी. इसमें रांची उपायुक्त छवि रंजन, कई अंचलों के अंचलाधिकारी और रजिस्टार शामिल हैं. इसे भी पढ़ें-बिहार">https://lagatar.in/reward-naxalite-video-of-bihar-caught-from-up-with-female-colleague/">बिहारका इनामी नक्सली विडियो महिला सहयोगी के साथ यूपी से पकड़ाया
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आदिवासी रैयतों में भूमि वापसी की जगाई उम्मीद
नितिन मदन कुलकर्णी ने कमिश्नर के पद पर रहते हुये वैसे केसों का भी निपटारा किया जो 1980, 1990 दशक से कमिश्नर कोर्ट में लंबित था. उन केसों में भूमि वापसी के लिये आदिवासी रैयत दो पीढ़ियों से कोर्ट का चक्कर लगा रहे थे. 15 महीने में 400 से अधिक मामलों का निपटारा हुआ जिसमें 90 फीसदी केस में आदिवासियों के पक्ष में फैसला आया. कमिश्नर के पद रहे नितिन मदन कुलकर्णी के कार्यकाल के चर्चित मामले -रांची के बड़गाईं अंचल के मोरहाबादी मौजा की 4.55 एकड़ सेना की कब्जे वाली रैयती जमीन मामले में एक्शन लिया. फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री करने के मामले की जांच कर जांच रिपोर्ट सरकार को भेजीडीसी छवि रंजन पर कसा शिकंजा
-रांची डीसी छवि रंजन पर शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने के एवज में घूस लेने के आरोप की जांच कर मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजी. -रांची डीसी छवि रंजन ने पिछले साल 7 एकड़ बजरा मौजा की जमीन की रसीद एक साथ 83 साल के काटने का आदेश दिया. रांची कमिश्नर नितिन मदन कुलकर्णी ने मामले की जांच की. कमिश्नर ने 13 पन्नों की जांच रिपोर्ट भू-राजस्व विभाग को भेज दी है. जिसमें कई रहस्योदघाटन किये गये हैं. कमिश्नर ने रांची डीसी के इस काम पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं और कार्रवाई की अनुशंसा की है. इस रिपोर्ट के आधार पर रांची डीसी रहे छवि रंजन पर राजस्व परिषद में मामला चल रहा है. इसे भी पढ़ें-BREAKING:">https://lagatar.in/breaking-father-son-stabbed-to-death-in-ranchis-shivalik-hotel/">BREAKING:रांची के शिवालिक होटल में पिता-पुत्र की चाकू मारकर हत्या
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