Ranchi: सीटेट को जेटेट के समान मान्यता देने की मांग को लेकर अखिल झारखंड सीटेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ ने रविवार को राज भवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि झारखंड में लगभग सात वर्षों के बाद प्रथामिक शिक्षकों को भर्ती किया जाना है. प्राथामिक शिक्षक के लिए वहीं आवेदन कर सकता है, जिसके पास स्नातक, बीएड या डीएलएड के साथ जेटेट की डिग्री हो. जिस अभ्यर्थी के पास ये सारी डिग्रियां होंगी वहीं आवेदन कर सकता है. झारखंड में आवेदन करने के लिए जेटेट का होना अनिवार्य है. इसे भी पढ़ें –गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-viral-audio-of-jmm-mla-dr-sarfaraz-ahmed-created-a-ruckus-in-congress/">गिरिडीह
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सीटेट को जेटेट के समान मान्यता देने की मांग
झारखंड में अब तक दो बार ही जेटेट की परीक्षा हुई है. 2013 और 2016 में. अधिकतर बीएड किए अभ्यर्थी टेट पास नहीं है. अभ्यर्थियों ने कहा हमारी मांग है कि सरकार सीटेट और जेटेट को एक समान करे. 22 साल के झारखंड में अब तक दो बार ही परीक्षा हुई है. क्या ये हमारी गलती है? जब हम प्रतियोगिता में बैठने के लिए तैयार हैं तो सरकार को परीक्षा लेने में क्या दिक्कत है. बिना नियम के शिक्षक बहाली करना हमारे साथ अन्याय है. हमारी मांग के बारे में सरकार को विचार करने की जरूरत है . इसे भी पढ़ें –जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-majhi-pargana-mahal-opposes-inclusion-of-kurmi-in-st/">जमशेदपुर: माझी परगना महाल ने कुर्मी को एसटी में शामिल करने का किया विरोध [wpse_comments_template]
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