: झामुमो विधायक डॉ. सरफराज अहमद के वायरल ऑडियो से कांग्रेस में मचा बवाल
सीटेट को जेटेट के समान मान्यता देने की मांग
झारखंड में अब तक दो बार ही जेटेट की परीक्षा हुई है. 2013 और 2016 में. अधिकतर बीएड किए अभ्यर्थी टेट पास नहीं है. अभ्यर्थियों ने कहा हमारी मांग है कि सरकार सीटेट और जेटेट को एक समान करे. 22 साल के झारखंड में अब तक दो बार ही परीक्षा हुई है. क्या ये हमारी गलती है? जब हम प्रतियोगिता में बैठने के लिए तैयार हैं तो सरकार को परीक्षा लेने में क्या दिक्कत है. बिना नियम के शिक्षक बहाली करना हमारे साथ अन्याय है. हमारी मांग के बारे में सरकार को विचार करने की जरूरत है . इसे भी पढ़ें –जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-majhi-pargana-mahal-opposes-inclusion-of-kurmi-in-st/">जमशेदपुर: माझी परगना महाल ने कुर्मी को एसटी में शामिल करने का किया विरोध [wpse_comments_template]

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