Ranchi : वन अधिकार पट्टा देने के मामले में वन विभाग के जो अधिकारी रोड़े अटका रहे हैं. उस पर विभाग की ओर से कार्रवाई भी शुरु की है. रविवार को वन विभाग के 6 अफसरों का तबादला किया गया. इसमें सिमडेगा के डीएफओ रोशन कुमार भी है. रोशन कुमार को सिमडेगा से हटाते हुए सरकार ने कोडरमा भेज दिया है. लगातार न्यूज और शुभम संदेश ने सामुदायिक वन अधिकार पट्टा में डीएफओ का रोड़ा शीर्षक से 8 अगस्त को खबर प्रकाशित की थी. जिसमें वन अधिकार पट्टा देने के लिए जिला स्तरीय कमेटी (डीएलसी) में हुए पूरी घटनाक्रम को प्रकाशित किया था. इसके बाद सरकार ने उनका तबादला कर दिया. इसे भी पढ़ें - अमन">https://lagatar.in/sunil-meena-of-aman-sahu-gang-has-direct-contact-with-gangster-lawrence-bishnoi-pictures-surfaced-of-him-talking-on-video-call/">अमन
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क्या हुआ था बैठक में
सीएफआरआर और सीएफआर की 41 दावों की स्वीकृति के लिए उपायुक्त सहित सभी सदस्य तो तैयार हो गये, लेकिन डीएफओ रोशन कुमार ने अड़ंगा लगा दिया. वे बार-बार कहने लगे कि लोगों को सामुदायिक वन अधिकार पट्टा दे सकते हैं, लेकिन सीएफआरआर नहीं दे सकते. इससे तो पूरा जंगल ही उजड़ जाएगा, इसका प्रभाव 20 साल बाद देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा था कि हम लोगों को वनों पर अधिकार नहीं दे सकते, क्योंकि जिन्हें पट्टा मिलेगा, तो वे जंगल को उजाड़ देंगे, वे लोग वनों का वैज्ञानिक प्रबंध नहीं जानते हैं. डीएफओ की अड़ंगेबाजी का मामला यहीं नहीं रुका. उन्होंने दबंगई दिखाते हुए डीएलसी का अगले मिनट तैयार कराकर कुछ अधिकारियों से हस्ताक्षर भी करा लिया. जब वरीय अधिकारियों को मामले की जानकारी मिली, तो इसमें हस्ताक्षेप किया. यह पूरा मामला तूल न पकड़े इसलिए सरकार ने एक्शन लेते हुए डीएफओ सिमडेगा को कोडरमा भेज दिया है. इसे भी पढ़ें - रांची">https://lagatar.in/ranchi-ndrf-recovered-the-body-of-the-student-who-drowned-in-jumar-river/">रांची: जुमार नदी में डूब गये छात्र का शव एनडीआरएफ ने बरामद किया [wpse_comments_template]
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